US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। शनिवार को हुई शांति वार्ता के विफल होने के बाद दोनों देशों के संबंधों में खटास और गहरी हो गई है. इस बीच डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की ओर से दी गई धमकी के बाद अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनातनी बढ़ गई है.
क्या फिर शुरू हो सकता है युद्ध?
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल दोनों देशों के बीच सीधे युद्ध की संभावना कम है, लेकिन लगातार बढ़ती बयानबाजी और कूटनीतिक विफलता हालात को बिगाड़ सकती है. यदि तनाव कम करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ सकती है. यह भी पढ़े: ‘भारत-पाक युद्ध के दौरान चीन के साथ मिलकर नॉर्थ ईस्ट इंडिया पर कब्जा करे बांग्लादेश’, यूनुस सरकार के करीबी अधिकारी ने दी धमकी
शांति वार्ता क्यों हुई फेल?
सूत्रों के अनुसार, परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई. अमेरिका जहां ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्ती चाहता है, वहीं ईरान पहले आर्थिक प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहा है। इसी मतभेद के चलते वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई.
ट्रंप की चेतावनी से बढ़ी चिंता
Donald Trump ने हालिया बयान में ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाने की बात कही है. उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है कि कहीं यह तनाव किसी बड़े टकराव का रूप न ले ले. हालांकि वर्तमान अमेरिकी प्रशासन की आधिकारिक नीति अलग हो सकती है, लेकिन इस बयान का कूटनीतिक असर देखने को मिल रहा है.
मध्य पूर्व में बढ़ती हलचल
तनाव बढ़ने के साथ ही मध्य पूर्व क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है. खासकर Strait of Hormuz जैसे अहम समुद्री मार्ग को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल आपूर्ति गुजरता है.
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर
संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक शक्तियां इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। कई देश दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील कर रहे हैं।












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