संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में दो अस्थायी सीटों के लिए चुनाव होना है, जिसमें 193 सदस्य देश मतदान करेंगे. ऑस्ट्रिया और पुर्तगाल से मिल रही टक्कर के बीच जर्मनी को सुरक्षा परिषद में जगह पाने की उम्मीद है.जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वाडेफुल ने भरोसा जताया है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में देश को एक अस्थायी सीट मिलेगी. शुक्रवार, 29 मई को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय पहुंचे वाडेफुल ने कहा, "यूएन की सबसे ताकतवर संस्था में दो साल के कार्यकाल के लिए अभियान के दौरान मुझे इस बात के लिए बहुत समर्थन मिला है कि जर्मनी, शांति और सुरक्षा के लिए एक मजबूत और बुलंद आवाज है."
पुर्तगाल और ऑस्ट्रिया भी दावेदार
अगले हफ्ते, 3 जून को 193 सदस्य देशों की संयुक्त राष्ट्र महासभा, सुरक्षा परिषद के नए सदस्यों का चुनाव करेगी. जर्मनी, 2027-2028 के कार्यकाल के लिए आवंटित दो सीटों में से एक के लिए "पश्चिमी यूरोप और अन्य" क्षेत्रीय समूह से चुनाव लड़ रहा है. फिलहाल, जर्मनी को ऑस्ट्रिया और पुर्तगाल से कड़ी टक्कर मिल रही है.
जर्मनी लगभग हर आठ साल में एक बार गैर-स्थायी सीट के लिए दावेदारी पेश करता आया है और सुरक्षा परिषद में छह बार शामिल रह चुका है. पिछली बार 2019-2020 में जर्मनी सुरक्षा परिषद का हिस्सा था. वाडेफुल ने जोर देकर कहा,"जब वैश्विक संकटों पर चर्चा होती है, तो जर्मनी अपने प्रभाव का इस्तेमाल करना चाहता है. यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के लिए वाजिब भी है."
सुरक्षा परिषद का ढांचा
सुरक्षा परिषद में यूएन के 193 सदस्य देशों में से 15 देश शामिल होते हैं. पांच परमाणु शक्तियां और दूसरे विश्व युद्ध के पांच विजेता देश- अमेरिका, चीन, रूस, ब्रिटेन और फ्रांस इसके स्थायी सदस्य हैं और उनके पास वीटो पावर है. यानी वे किसी भी प्रस्ताव के खिलाफ मतदान करके उसे गिरा सकते हैं. बाकी देश दो साल के कार्यकाल के लिए बाकी बची 10 सीटों पर चुने जाते हैं.
पढ़ें: जर्मनी क्यों नहीं बन पा रहा है संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य
समर्थन जुटाने के लिए जारी अभियान में वाडेफुल ने सबसे पहले प्रशांत महासागर के छोटे द्वीपीय देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की, जो जलवायु परिवर्तन से खासकर प्रभावित हैं. इस पर उन्होंने कहा,"मौजूदा दौर के गंभीर संघर्षों और तनावों के बावजूद, कुछ बेहद महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं जिन्हें हमें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए."
महासभा का अगला अध्यक्ष कौन?
सुरक्षा परिषद के चुनाव से पहले, 2 जून को इस बात पर भी नजर रहेगी कि भविष्य में यूएन महासभा का नेतृत्व किसके पास होगा. वाडेफुल से पहले जर्मनी की विदेश मंत्री रहीं अनालेना बेयरबॉक फिलहाल 80वीं महासभा की अध्यक्ष हैं. उनका कार्यकाल सितंबर में अगली महासभा की शुरुआत में पूरा हो जाएगा.
इसके अलावा वाडेफुल की 1 जून को यूएन महासभा के एक सत्र में भाग लेने की योजना है, जिसमें संघर्षों में मध्यस्थता पर बात होगी. इस एजेंडे में प्रभावी शांति स्थापना की भी बात होगी. यह बातचीत ऐसे समय में अहम हो गई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका संयुक्त राष्ट्र की कई संस्थाओं से अलग हो गया है या पीछे हट गया है.










QuickLY