Mullah Mohammad Hasan बने तालिबानी सरकार के प्रमुख, कंधार में जन्में धार्मिक नेता मुल्ला मोहम्मद हसन ने 20 साल तक संभाली रहबारी शूरा की कमान, 5 खास बातें
मुल्ला मोहम्मद अखुंद, (फोटो क्रेडिट - @ejmalrai ट्विटर)

Mullah Mohammad Hasan:  अफगानिस्तान में तालिबानी सरकार (Taliban New Government) की कमान मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद (Mullah Mohammad Hasan Akhund) को दी गई है. न्यूज एजेंसी एएफपी के हवाले से आई एक खबर के बाद उन अटकलों पर विराम लग गया जिसमें कहा जा रहा था कि अफगानिस्तान में तालिबानी सरकार का नेतृत्व किसके जिम्मे होगा. ताजा अपडेट के मुताबिक, तालिबान में नई सरकार में मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद को कार्यकारी प्रधानीमंत्री का दायित्व सौंपा गया है. खबर ये भी है कि तालिबान अमेरिका 9/11 की बरसी पर अफगानिस्तान में अपनी सरकार गठन कर सकता है.

वहीं इससे पहले चर्चा थी कि मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद तालिबानी सरकार में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है. मीडिया में चर लरी खबरों के मुताबिक मुल्ला मोहम्मद हसन को राष्ट्रपति बनाने जाने की भी चर्चा थी. वहीं आतंकी संगठन तालिबान का सह-संस्थापक अब्दुल गनी बरादर मुल्ला मोहम्मद हसन के बाद दूसरा बड़ा नेता होगा. अब्दुल गनी बरादर को अफगानिस्तान में उप-प्रधानमंत्री का दायित्व दिया गया है.

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वहीं अफगानिस्तान के लीडिंग न्यूज चैनल ने ट्विट कर इस बात की पुष्टि की है. मल्ला मोहम्मद हसन अखुंद तालिबानी सरकार में प्रधानमंत्री होंगे जबकि अब्दुल गनी बरादर मुल्ला मोहम्मद हसन को उप-प्रधानमंत्री घोषित किया गया है.

 

बता दें कि इससे पहले तालिबानी सीनियर लीडर ‘अमीरुल मोमिनीन शेख हैबतुल्ला अखुंजादा ने खुद मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद को रईस-ए-जम्हूर यानी अफगानिस्तान के नए राज्य प्रमुख के रूप में प्रस्तावित किया था.

बता दें कि मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद वर्तमान में तालिबान के शक्तिशाली निर्णय लेने वाले नेतृत्व परिषद के प्रमुख हैं. इस समय मोहम्मद हसन तालिबान के सबसे शक्तिशाली नेताओं में से एक है.

मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद का जन्म कंधार में हुआ था और वो सशस्त्र आंदोलन के संस्थापकों में से एक हैं.

मुल्ला मोहम्मद हसन ने रहबारी शूरा के प्रमुख के रूप में 20 साल तक काम किया और बहुत अच्छी प्रतिष्ठा अर्जित की है. मुल्ला हसन ने एक सैन्य पृष्ठभूमि से अलग एक धार्मिक नेता हैं के रूप में अपनी पहचान बनाई है.