प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच गुरुवार को फोन पर बातचीत हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की. इस दौरान दोनों नेताओं ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता को जल्द बहाल करने पर जोर दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्होंने अपने मित्र इमैनुएल मैक्रों से बातचीत की और क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सहयोग जारी रखने पर सहमति बनी है. भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों का नया युग: PM Modi और चांसलर Christian Stocker के बीच सेमीकंडक्टर और रक्षा सहयोग पर बनी सहमति
दोनों नेताओं के बीच इससे पहले 19 मार्च को भी पश्चिम एशिया के हालात को लेकर बातचीत हुई थी, जिसमें तनाव कम करने और संवाद के जरिए समाधान निकालने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था.
हाल ही में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पेरिस दौरे के दौरान राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की थी. वहीं फरवरी में इमैनुएल मैक्रों भारत के आधिकारिक दौरे पर आए थे, जहां भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा हुई थी.
इस दौरान दोनों नेताओं ने इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026 की शुरुआत की और नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भी हिस्सा लिया था.
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी बातचीत हुई थी, जिसमें दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा की और व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति जताई.
पीएम मोदी, मैक्रों ने होर्मुज में नेविगेशन की तत्काल बहाली का आह्वान किया:
इस बातचीत में भी पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा हुई थी और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने के लिए अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम करता रहेगा.