भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों का नया युग: PM Modi और चांसलर Christian Stocker के बीच सेमीकंडक्टर और रक्षा सहयोग पर बनी सहमति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रियाई चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर ने नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता की. दोनों देशों ने रक्षा, सेमीकंडक्टर और अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का संकल्प लिया.
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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने गुरुवार को ऑस्ट्रियाई चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर (Austrian Chancellor Christian Stocker) के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भारत और ऑस्ट्रिया (India and Austria) के बीच रक्षा, सेमीकंडक्टर (Semiconductors), क्वांटम कंप्यूटिंग (Quantum) और बायोटेक्नोलॉजी (Biotechnology) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की घोषणा की. पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि ऑस्ट्रिया की विशेषज्ञता और भारत की गति (Speed) व बड़े पैमाने (Scale) के मेल से दुनिया के लिए विश्वसनीय तकनीक और सुरक्षित सप्लाई चेन सुनिश्चित की जा सकेगी. यह भी पढ़ें: PM Modi Speaks To Iran President: पीएम नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच फिर बातचीत, ईद और नवरोज की दी शुभकामनाएं
बुनियादी ढांचे और नवाचार में ऑस्ट्रिया का योगदान
प्रधानमंत्री ने बुनियादी ढांचे के विकास में ऑस्ट्रिया की भूमिका की सराहना करते हुए दिल्ली मेट्रो और अटल टनल जैसे प्रोजेक्ट्स का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रिया की टनलिंग (Surung) विशेषज्ञता ने भारत के इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स पर गहरा प्रभाव डाला है.
चांसलर स्टॉकर के साथ आए बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह दौरा व्यापार और निवेश में एक नया उत्साह लेकर आएगा. उन्होंने बताया कि ग्रीन एनर्जी से लेकर शहरी विकास तक ऑस्ट्रियाई कंपनियां भारत में सक्रिय रूप से योगदान दे रही हैं.
यूरोप के बाहर चांसलर की पहली विदेश यात्रा
यह दौरा राजनयिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि चार दशकों के बाद किसी ऑस्ट्रियाई चांसलर ने भारत का दौरा किया है. पीएम मोदी ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि चांसलर स्टॉकर ने यूरोप के बाहर अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुना. उन्होंने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के बाद भारत-EU संबंधों में एक नया अध्याय शुरू हुआ है और यह दौरा भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को एक नए युग में ले जा रहा है. यह भी पढ़ें: PM Modi ने Anutin Charnvirakul को थाईलैंड का प्रधानमंत्री चुने जाने पर दी बधाई, रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर दिया जोर
नर्सिंग सेक्टर और युवा विनिमय (Youth Exchange) के लिए नई पहल
दोनों देशों के बीच प्रतिभा और कौशल के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए भी बड़े निर्णय लिए गए:
- नर्सिंग क्षेत्र: भारत और ऑस्ट्रिया नर्सिंग सेक्टर में गतिशीलता को बढ़ावा देंगे.
- वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम: युवाओं के बीच सांस्कृतिक और व्यावसायिक विनिमय को प्रोत्साहित करने के लिए 'वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम' शुरू किया जा रहा है.
- रिसर्च और स्टार्टअप: संयुक्त अनुसंधान और स्टार्टअप इकोसिस्टम में सहयोग को और अधिक मजबूत किया जाएगा.
वैश्विक शांति और सुधारों का आह्वान
दुनिया में चल रहे तनावपूर्ण माहौल का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया इस बात पर सहमत हैं कि कोई भी सैन्य संघर्ष समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता.
चाहे यूक्रेन का मुद्दा हो या पश्चिम एशिया का, दोनों देश स्थिर और स्थायी शांति का समर्थन करते हैं. पीएम मोदी ने आतंकवाद को जड़ से खत्म करने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई और वैश्विक संस्थानों (जैसे संयुक्त राष्ट्र) में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया ताकि आज की वैश्विक चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 16, 2026 03:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

