EPFO 3.0 Withdrawal Online in 2026: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने साल 2026 में अपने अपग्रेड सिस्टम 'EPFO 3.0' के साथ पीएफ निकासी को बेहद तेज और पारदर्शी बना दिया है. नए डिजिटल सुधारों के चलते अब सदस्यों को कागजी कार्रवाई और लंबी प्रतीक्षा से मुक्ति मिल गई है. ताज़ा अपडेट के अनुसार, अब लगभग 95% पीएफ क्लेम 'ऑटो-सेटलमेंट' के जरिए प्रोसेस किए जा रहे हैं, जिससे कई मामलों में पैसा कुछ ही घंटों के भीतर सदस्य के खाते में पहुंच रहा है.
ऑटो-सेटलमेंट की सीमा में बड़ा इजाफा
EPFO 3.0 के तहत सबसे महत्वपूर्ण बदलाव ऑटो-सेटलमेंट की सीमा को लेकर किया गया है. पहले यह सीमा 1 लाख रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है. इसका मतलब है कि यदि आपका क्लेम 5 लाख रुपये तक का है और आपके दस्तावेज सही हैं, तो बिना किसी अधिकारी की मैन्युअल जांच के आपका पैसा सीधे खाते में क्रेडिट हो जाएगा. इसके अलावा, EPFO जल्द ही यूपीआई (UPI) आधारित निकासी और ईपीएफओ एटीएम कार्ड की सुविधा भी शुरू करने जा रहा है. यह भी पढ़े: EPFO PF Withdrawal Rules 2026: अब पीएफ फंड से पैसा निकालना हुआ और भी आसान, जानें नए नियम
क्लेम फाइल करने से पहले जरूरी शर्तें
ऑनलाइन पीएफ निकालने से पहले सदस्यों को अपनी प्रोफाइल में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां अपडेट रखनी चाहिए:
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आपका 12-अंकों वाला यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) एक्टिवेट होना चाहिए.
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आपका आधार, पैन (PAN) और बैंक खाता विवरण UAN के साथ लिंक और वेरिफाई होना अनिवार्य है.
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आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर एक्टिव होना चाहिए ताकि ओटीपी (OTP) वेरिफिकेशन हो सके.
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यदि आपने नौकरी छोड़ दी है, तो नियोक्ता (Employer) द्वारा ईपीएफओ पोर्टल पर 'छोड़ने की तारीख' (Date of Exit) अपडेट होनी चाहिए.
ऑनलाइन पीएफ निकासी की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
कर्मचारी ईपीएफओ के 'यूनिफाइड मेंबर पोर्टल' के माध्यम से घर बैठे क्लेम कर सकते हैं:
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पोर्टल पर जाएं और UAN व पासवर्ड के जरिए लॉग इन करें.
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'Online Services' टैब पर क्लिक करें और 'Claim (Form-31, 19, 10C & 10D)' चुनें.
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अपने बैंक खाते के अंतिम चार अंक दर्ज कर उसे वेरिफाई करें.
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'Proceed for Online Claim' पर क्लिक करें और उपयुक्त फॉर्म चुनें.
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चेक या पासबुक की स्कैन कॉपी अपलोड करें.
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आधार से जुड़े मोबाइल पर आए ओटीपी को सबमिट करें.
सही फॉर्म का चुनाव है जरूरी
गलत फॉर्म चुनने से क्लेम रिजेक्ट हो सकता है. मुख्य रूप से ये फॉर्म उपयोग किए जाते हैं:
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फॉर्म 19: नौकरी छोड़ने के बाद पीएफ की पूरी निकासी के लिए.
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फॉर्म 10C: 10 साल से कम की सेवा होने पर पेंशन (EPS) की राशि निकालने के लिए.
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फॉर्म 31: नौकरी के दौरान अग्रिम (Advance) राशि निकालने के लिए (जैसे बीमारी, शादी या घर खरीदने के लिए).
टैक्स (TDS) से कैसे बचें?
1 अप्रैल 2026 से लागू नए टैक्स नियमों के अनुसार, यदि आपकी सेवा 5 वर्ष से कम है और निकासी राशि 50,000 रुपये से अधिक है, तो 10% टीडीएस कट सकता है. टैक्स कटौती को कम करने या रोकने के लिए पात्र उपयोगकर्ता अब फॉर्म 15G या 15H के स्थान पर नए 'फॉर्म 121' को ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं. 5 साल से अधिक की निरंतर सेवा के बाद निकाली गई राशि पूरी तरह टैक्स फ्री होती है.
क्लेम स्टेटस कैसे ट्रैक करें?
आवेदन जमा करने के बाद, सदस्य पोर्टल पर 'Track Claim Status' विकल्प के जरिए प्रगति देख सकते हैं. इसके अलावा, उमंग (UMANG) ऐप, मिस्ड कॉल सेवा और एसएमएस के जरिए भी स्टेटस अपडेट प्राप्त किया जा सकता है. विशेषज्ञों की सलाह है कि देरी से बचने के लिए आधार और बैंक विवरण में नाम और जन्मतिथि का मिलान सुनिश्चित कर लें. (न्यूज डेस्क)













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