EPFO PF Withdrawal Rules 2026: अब पीएफ फंड से पैसा निकालना हुआ और भी आसान, जानें नए नियम
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने 2026 के लिए पीएफ निकासी के नियमों को सरल बना दिया है. अब निकासी श्रेणियों को घटाकर तीन मुख्य समूहों में बांट दिया गया है और डिजिटल एक्सेस को बढ़ावा दिया गया है
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EPFO PF Withdrawal Rules 2026: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने साल 2026 के लिए पीएफ (PF) निकासी के ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं. नए नियमों का उद्देश्य प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सदस्यों के लिए सुलभ बनाना है. ईपीएफओ ने पहले की 13 निकासी श्रेणियों को अब केवल तीन स्पष्ट समूहों में समेट दिया है: आवश्यक आवश्यकताएं (Essential Needs), आवास आवश्यकताएं (Housing Needs) और विशेष परिस्थितियां (Special Circumstances). इन बदलावों से करोड़ों नौकरीपेशा लोगों को अपनी बचत तक पहुंचने में कम बाधाओं का सामना करना पड़ेगा.
निकासी के लिए पात्रता और शर्तें
नए सिस्टम के तहत, सदस्य कुछ खास स्थितियों में अपने पीएफ बैलेंस का 100 प्रतिशत हिस्सा निकाल सकते हैं. इसमें कर्मचारी और नियोक्ता (Employer) दोनों का योगदान शामिल होता है. पूर्ण निकासी की अनुमति निम्नलिखित स्थितियों में दी जाएगी: यह भी पढ़े: PF Balance Calculation Update: कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! बिना लॉगिन के मिनटों में जानें अपना पीएफ बैलेंस, EPFO ने बताए 3 आसान तरीके
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सेवानिवृत्ति (Retirement) होने पर.
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58 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर.
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स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने पर.
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स्थायी विकलांगता या स्थायी रूप से विदेश प्रवास की स्थिति में.
बेरोजगारी के दौरान वित्तीय लचीलापन
नौकरी छूटने की स्थिति में सदस्यों को वित्तीय राहत देने के लिए नियमों को और लचीला बनाया गया है. अब नौकरी जाने के तुरंत बाद सदस्य अपने पीएफ बैलेंस का 75 प्रतिशत तक हिस्सा निकाल सकते हैं. यदि बेरोजगारी 12 महीने तक बनी रहती है, तो शेष 25 प्रतिशत राशि भी निकाली जा सकती है. यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि संकट के समय सदस्यों के पास नकदी उपलब्ध रहे, जबकि कुछ हिस्सा भविष्य के लिए सुरक्षित रहे.
आंशिक निकासी और पारिवारिक जरूरतें
आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) के नियमों में भी ढील दी गई है. अब केवल एक वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद सदस्य अपनी जमा राशि का 75 प्रतिशत तक हिस्सा निकाल सकते हैं.
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शिक्षा और विवाह: शिक्षा के लिए सेवा के दौरान 10 बार और विवाह के लिए 5 बार निकासी की अनुमति है.
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चिकित्सा: कैंसर या तपेदिक (TB) जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए एक वित्तीय वर्ष में 3 बार तक पैसा निकाला जा सकता है.
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आवास: घर खरीदने, निर्माण, नवीनीकरण या होम लोन चुकाने के लिए भी फंड का उपयोग किया जा सकता है, भले ही संपत्ति संयुक्त स्वामित्व में हो.
डिजिटल पहुंच और भविष्य की सुविधाएं
ईपीएफओ ने निकासी प्रक्रिया को तेज करने के लिए डिजिटल तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया है. जल्द ही सदस्य यूपीआई (UPI) और एटीएम (ATM) के माध्यम से भी अपने पीएफ खाते से पैसा निकाल सकेंगे. यह कदम पीएफ निकासी को बैंक खाते से पैसे निकालने जितना सरल बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल है.
न्यूनतम बैलेंस और ब्याज दर
निकासी की सुविधाओं के साथ-साथ, ईपीएफओ ने दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एक अनिवार्य शर्त भी रखी है. अब सदस्यों को अपने पीएफ खाते में कम से कम 25 प्रतिशत बैलेंस बनाए रखना होगा. वर्तमान में ईपीएफओ सालाना 8.25 प्रतिशत की दर से ब्याज दे रहा है, जो इसे लंबी अवधि की बचत के लिए एक सुरक्षित और आकर्षक विकल्प बनाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 05, 2026 10:27 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

