IPO लाने जा रही स्पिरिट कंपनी एल्कोब्रू डिस्टिलरीज की वित्त वर्ष 25 में आय घटकर 1,615 करोड़ रुपए रही
स्पिरिट निर्माता एल्कोब्रू डिस्टिलरीज इंडिया लिमिटेड ने वित्त वर्ष 25 में परिचालन आय में मामूली गिरावट दर्ज की है, जो वित्त वर्ष 24 के 1,640 करोड़ रुपए से 1.52 प्रतिशत घटकर 1,615 करोड़ रुपए रह गई है. यह जानकारी कंपनी की ओर से भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) से मिली. राजस्व में गिरावट के बावजूद, कंपनी का कर-पश्चात लाभ (पीएटी) वित्त वर्ष 25 में बढ़कर 69.45 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले वर्ष 62.55 करोड़ रुपए था.
मुंबई, 28 सितंबर : स्पिरिट निर्माता एल्कोब्रू डिस्टिलरीज इंडिया लिमिटेड ने वित्त वर्ष 25 में परिचालन आय में मामूली गिरावट दर्ज की है, जो वित्त वर्ष 24 के 1,640 करोड़ रुपए से 1.52 प्रतिशत घटकर 1,615 करोड़ रुपए रह गई है. यह जानकारी कंपनी की ओर से भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) से मिली. राजस्व में गिरावट के बावजूद, कंपनी का कर-पश्चात लाभ (पीएटी) वित्त वर्ष 25 में बढ़कर 69.45 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले वर्ष 62.55 करोड़ रुपए था. एल्कोब्रू ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के माध्यम से धन जुटाने की मंजूरी के लिए बाजार नियामक के पास ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल किए हैं.
कंपनी की योजना आईपीओ में 258.26 करोड़ रुपए तक के नए शेयर जारी करना और एक प्रमोटर द्वारा 1.8 करोड़ शेयरों का ओएफएस (ऑफर फॉर सेल) शामिल है. एल्कोब्रू के आईपीओ में 50 प्रतिशत हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी), 15 प्रतिशत हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) और शेष 35 प्रतिशत खुदरा निवेशकों के लिए रिजर्व रखा गया है. आईपीओ से प्राप्त राशि का उपयोग कंपनी व्यवसाय विस्तार, कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों को पूरा करने के लिए करेगी. यह भी पढ़ें : यमुनापार से जुड़ेगा दिल्ली का हर कोना, सीएम रेखा गुप्ता ने दी 300 देवी बसों की सौगात
कंपनी व्हिस्की, वोदका और रम सहित मादक पेय पदार्थों के निर्माण, विपणन और बिक्री का कार्य करती है. इसके ब्रांड पोर्टफोलियो में गोल्फर्स शॉट (प्रीमियम व्हिस्की), व्हाइट एंड ब्लू (ब्लेंडेड व्हिस्की), व्हाइट हिल्स (रेगुलर व्हिस्की) और वन मोर (वोदका) शामिल हैं. एल्कोब्रू सोलन, हिमाचल प्रदेश और डेरा बस्सी, पंजाब में डिस्टिलेशन और बॉटलिंग दोनों सुविधाओं के साथ मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स संचालित करती है. एक मजबूत वितरण नेटवर्क और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग सुवाधाओं का लाभ उठाते हुए, कंपनी ने पूरे भारत में अपनी उपस्थिति स्थापित की है और साथ ही चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी विस्तार किया है. कंपनी अपने उत्पादों का युगांडा, केन्या, तंजानिया, मोजाम्बिक, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान और नेपाल सहित 20 से अधिक देशों में निर्यात करती है. मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स को आईपीओ के लिए बुक-रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 28, 2025 05:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

