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Video: भद्राद्रि-कोठागुडेम जिले के चारला मंडल में सड़क न होने से आदिवासी गर्भवती महिला को खटिए में टांगकर अस्पताल ले गए, देखें वीडियो

एक दिल दहला देने वाली घटना में, स्थानीय लोगों ने तेलंगाना के भद्राद्री-कोठागुडेम जिले के एक दूरदराज के गांव में एक गर्भवती आदिवासी महिला को अस्थायी स्ट्रेचर पर 20 किलोमीटर से अधिक पैदल चलकर निकटतम चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाया. घटना का एक वीडियो जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया है, उसमें ग्रामीणों को बारिश के बीच कीचड़ भरे इलाके में गर्भवती महिला को अपने कंधों पर खटिये पर ले जाते हुए दिखाया गया है.

Video: भद्राद्रि-कोठागुडेम जिले के चारला मंडल में सड़क न होने से आदिवासी गर्भवती महिला को खटिए में टांगकर अस्पताल ले गए, देखें वीडियो
गर्भवती महिला को कंधे पर ले जाते लोग (Photo: X)

एक दिल दहला देने वाली घटना में, स्थानीय लोगों ने तेलंगाना के भद्राद्री-कोठागुडेम जिले के एक दूरदराज के गांव में एक गर्भवती आदिवासी महिला को अस्थायी स्ट्रेचर पर 20 किलोमीटर से अधिक पैदल चलकर निकटतम चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाया. घटना का एक वीडियो जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया है, उसमें ग्रामीणों को बारिश के बीच कीचड़ भरे इलाके में गर्भवती महिला को अपने कंधों पर खटिये पर ले जाते हुए दिखाया गया है. ग्रामीणों को बारिश के पानी से भरे इलाकों को पार करते हुए भी देखा जाता है. वे महिला को अपने गांव से लगभग 20 किमी दूर स्थित सत्यनारायणपुरम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अस्थायी स्ट्रेचर के अंदर ले जाते हैं. यह भी पढ़ें: UP: शव वाहन नहीं मिलने पर मां अपने बेटे की डेड बॉडी ठेले पर लेकर भटकती रही, वीडियो वायरल होने पर सरकर ने दिए जांच के आदेश

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना तेलंगाना जिले के बोधनिल्ली ग्राम पंचायत के कोरकटपाडु गांव में हुई. जब गर्भवती महिला, जिसकी पहचान 22 वर्षीय मराक्कम कोसी के रूप में हुई, ने प्रसव पीड़ा की शिकायत शुरू कर दी, जिसके बाद उसके परिवार के सदस्यों और अन्य ग्रामीणों को इसकी सूचना दी गई. उसे कपड़े के एक टुकड़े और दो बांस के लट्ठों से बनी 'डोली' या अस्थायी स्ट्रेचर में पैदल निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक ले गए.

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स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पहला मामला नहीं है जब गांव की किसी गर्भवती महिला को डोली में बिठाकर नजदीकी अस्पताल ले जाया गया हो. उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ सीमा के पास स्थित इस क्षेत्र के लगभग 25 आदिवासी गांवों में सड़क संपर्क का अभाव है. कोरकटपाडु गांव लगभग 40 आदिवासी परिवारों का घर है, जिनकी कुल आबादी 200 है.

एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि कोसी 36 सप्ताह की गर्भवती थी और कठिन यात्रा के कारण उसका रक्तचाप गंभीर स्तर तक बढ़ गया था. “यह गर्भावस्था-प्रेरित उच्च रक्तचाप प्रीक्लेम्पसिया का एक उच्च जोखिम वाला मामला था. वह होश में थी लेकिन दर्द और चिड़चिड़ापन था. कुछ घंटों तक उसकी स्थिति की निगरानी करने के बाद, रात 9.30 बजे तक उसकी आपातकालीन सी-सेक्शन सर्जरी की गई। उन्होंने 2.6 किलोग्राम के एक स्वस्थ लड़के को जन्म दिया. वह निगरानी में है और समय पर किए गए हस्तक्षेप के कारण अब स्थिर है.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 07, 2023 01:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).