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Atanu Chakraborty Resigns: एचडीएफसी बैंक में बड़ा फेरबदल, चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने दिया अपने पद से इस्तीफा; जानें वजह

एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने 'नैतिक चिंताओं' और बैंक के 'आंतरिक तौर-तरीकों' का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. बैंक ने तत्काल प्रभाव से केकी मिस्त्री को तीन महीने के लिए अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया है.

Atanu Chakraborty Resigns: एचडीएफसी बैंक में बड़ा फेरबदल, चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने दिया अपने पद से इस्तीफा; जानें वजह

Atanu Chakraborty Resigns: देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के ऋणदाता, एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) में गुरुवार, 19 मार्च 2026 को उस समय हड़कंप मच गया जब बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और स्वतंत्र निदेशक अतनु चक्रवर्ती ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया. चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे में बैंक के भीतर चल रहे कुछ "आंतरिक तौर-तरीकों" पर गंभीर सवाल उठाए हैं. बैंक के बोर्ड ने तत्काल प्रभाव से उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और स्थिति को संभालने के लिए अनुभवी बैंकर केकी मिस्त्री को तीन महीने के लिए अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया है.

इस्तीफे के पीछे 'नैतिक चिंताओं' का जिक्र

1985 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी और पूर्व आर्थिक मामलों के सचिव अतनु चक्रवर्ती ने अपने त्याग पत्र में कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पिछले दो वर्षों के दौरान बैंक के भीतर उन्होंने ऐसी कार्यप्रणालियां देखी हैं, जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता (Ethics) के अनुरूप नहीं हैं.

चक्रवर्ती का कार्यकाल मई 2027 तक था और हाल ही में उनकी पुनर्नियुक्ति हुई थी. ऐसे में समय से पहले और इन कारणों के साथ उनका बाहर जाना बैंकिंग जगत और निवेशकों के बीच चिंता का विषय बन गया है.

केकी मिस्त्री संभालेंगे कमान

बोर्ड ने नेतृत्व में निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए केकी मिस्त्री को जिम्मेदारी सौंपी है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मिस्त्री की नियुक्ति को तत्काल मंजूरी दे दी है. मिस्त्री, जो 2023 में हुए विलय से पहले एचडीएफसी लिमिटेड के वाइस-चेयरमैन और सीईओ थे, को भारतीय वित्त क्षेत्र का एक विश्वसनीय चेहरा माना जाता है. उनकी नियुक्ति 19 मार्च 2026 से प्रभावी होगी और वे अगले तीन महीनों तक या स्थायी उत्तराधिकारी मिलने तक इस पद पर रहेंगे.

विलय के बाद का प्रभाव और चुनौतियां

अतनु चक्रवर्ती का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब एचडीएफसी लिमिटेड और एचडीएफसी बैंक के बीच 40 बिलियन डॉलर के ऐतिहासिक विलय के बाद परिचालन एकीकरण (Operational Integration) की प्रक्रिया चल रही है. चक्रवर्ती ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि हालांकि विलय ने बैंक को एक वैश्विक "वित्तीय दिग्गज" बना दिया है, लेकिन इस सौदे के रणनीतिक लाभ अभी पूरी तरह से मिलने बाकी हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कि उनके बयान बैंक के शीर्ष प्रबंधन के भीतर प्रशासन मानकों (Governance Standards) या दो संस्थाओं के सांस्कृतिक एकीकरण को लेकर चल रहे संभावित मतभेदों की ओर इशारा करते हैं.

नियामक जांच की संभावना

हालांकि बैंक की नियामक फाइलिंग में कहा गया है कि इस्तीफे के पीछे बताए गए कारणों के अलावा कोई अन्य "महत्वपूर्ण कारण" नहीं है, लेकिन भारत के सबसे बड़े निजी बैंक में 'नैतिक विसंगति' का सार्वजनिक उल्लेख गंभीर माना जा रहा है. संभावना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस मामले की बारीकी से जांच कर सकता है ताकि बैंक की कार्यप्रणाली और कॉर्पोरेट गवर्नेंस में किसी भी तरह की खामी का पता लगाया जा सके.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 19, 2026 11:27 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).