Muzaffarnagar Fake Video Case: पाकिस्तान में हुई एक नृशंस हत्या का वीडियो सोशल मीडिया पर भारत का बताकर शेयर करने वाले दो आरोपियों को मुजफ्फरनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. ककरौली थाना पुलिस ने बताया कि आरोपी पाकिस्तान में हुए एक पुराने हत्याकांड के वीडियो को एडिट करके भारत में सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश कर रहे थे. यह वीडियो बलूचिस्तान में हुई एक तथाकथित ऑनर किलिंग से जुड़ा था, जिसे तोड़-मरोड़कर भारतीय संदर्भ में वायरल किया गया था. जांच में सामने आया है कि आरोपी इस वीडियो के साथ भड़काऊ ऑडियो जोड़कर लोगों की भावनाएं भड़काने की कोशिश कर रहे थे.
वीडियो शेयर करते हुए ये संदेश फैलाया जा रहा था कि यह घटना भारत की है, जबकि सच्चाई ये है कि मामला पाकिस्तान का है और संबंधित लोग वहां पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं.
पाकिस्तान के नृशंस हत्याकांड को भारत का बताया
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पुलिस ने किया खुलासा
एसपी रूरल आदित्य बंसल ने बताया कि आरोपी जानबूझकर समाज में नफरत का माहौल बनाने की मंशा से ऐसा कर रहे थे. पुलिस की फील्ड इंटेलिजेंस और साइबर सेल की सतर्कता से इस साजिश का समय रहते भंडाफोड़ हो गया.
इस मामले में एसएसपी संजय कुमार ने भी बयान जारी किया है. उन्होंने जिले के लोगों से अपील की है कि किसी भी वायरल वीडियो या संदेश पर आंख बंद करके भरोसा न करें. पहले उसकी पुष्टि करें और अफवाह फैलाने से बचें.
वायरल वीडियो पर ना करें यकीन
ये घटना हमें फिर से याद दिलाती है कि सोशल मीडिया की ताकत दोधारी तलवार की तरह है. सही इस्तेमाल किया जाए तो जानकारी का जरिया बनती है, लेकिन गलत इस्तेमाल समाज को बांट सकता है. ऐसे में आम लोगों की सतर्कता और पुलिस की तत्परता ही शांति बनाए रख सकती है.













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