लाइफस्टाइल

Over Eating Problem: पेट भरने के बाद भी कोई क्यों खाता है? जानें इसका कारण और कैसे पायें इससे निजात?

पिज्जा का अंतिम पीस खाते हुए क्या आपने कभी सोचा कि आपका पेट अब भर चुका है, और आपको अब और नहीं खाना चाहिए? बल्कि आप तो बच्चों द्वारा छोड़ा पीस भी खाने लगते हैं! आखिर इस संकेत को आप कैसे समझते हैं कि आपका पेट भर चुका है और खाने पर विराम लगाना चाहिए.

Over Eating Problem: पेट भरने के बाद भी कोई क्यों खाता है? जानें इसका कारण और कैसे पायें इससे निजात?
Food (Photo Credits: Pixabay)

पिज्जा का अंतिम पीस खाते हुए क्या आपने कभी सोचा कि आपका पेट अब भर चुका है, और आपको अब और नहीं खाना चाहिए? बल्कि आप तो बच्चों द्वारा छोड़ा पीस भी खाने लगते हैं! आखिर इस संकेत को आप कैसे समझते हैं कि आपका पेट भर चुका है और खाने पर विराम लगाना चाहिए. आइये आज इसी रहस्य से परदा उठाने की बात करेंगे.

संतृप्त संकतों का विज्ञान (The science of satiety signals)

दरअसल आपके द्वारा खाये खाने के पचे हुए पोषक तत्व, जो आपके रक्त प्रवाह में जाते हैं, वे सीधा आपके मस्तिक पर तृप्ति का असर छोड़ते हैं, और तब मस्तिक संकेत देता है कि आपने पर्याप्त पोषक तत्वों का सेवन कर लिया है. आपके पेट और आंतों का खिंचाव आपके पेट में गये भोजन एवं पेय पदार्थों की मात्रा का संकेत देते हैं. आपका मस्तिक सूचना के उन सभी स्त्रोतो को संतृप्त एल्गोरिदम में डालता है और एक निश्चित प्वाइंट पर आपको संकेत भेजता है कि अब आपके खाना रोकने का संकेत हो गया है. इससे यह समझने में भी मदद मिलती है कि आपको संपूर्ण रूप से आवश्यक पोषक मिल रहे हैं या नहीं. आप संतुष्ट महसूस कर सकते हैं और उसी के आधार पर खाना जारी रख सकते हैं, या खाने पर विराम लगा सकते हैं. अलबत्ता आप एक या दो पेय पदार्थ ले सकते हैं. इसके बाद रात के खाने में तृप्ति के आधार पर हमेशा की तरह कुछ मीठी वस्तुएं अथवा मिठाई भी ले सकते हैं.

भोजन का भावनाओं से संबंध

कोई व्यक्ति ऊब, खीझ, भय, क्रोध, तनावग्रस्त, अकेला, थका हुआ और आत्मग्लानि जैसी भावनाओं से जुड़ा होता है, तब भी पेट से ऊपर भोजन कर लेता है. अकसर ऐसा देखा गया है कि भोजन अस्थाई ही सही बिगड़े हुए मूड को सुधार सकता है. वास्तव में कुछ हारमोन्स और नेचुरल ब्रेन केमिकल्स भी मूड को प्रभावित करते हैं. यदि आप पेट भरने के बाद भी भोजन करने से बाज नहीं आ रहे हैं, तो आपको किसी मनोचिकित्सक से सलाह-मशविरा करना चाहिए. ईटिंग डिस्ऑर्डर या बुलिमिया नर्वोसा के प्रभाव से भी लोग पेट से ऊपर खाना खा लेते हैं.

पेट भर जाये तो खाना कैसे बंद करें

यदि आपको ज्यादा भोजन करने के मनोचिकित्सकों के सुझावों पर भरोसा नहीं हो रहा है तो आप चिकित्सीय सलाह ले सकते हैं. उदाहरणस्वरूप अवसाद और चिंता के लिए तो उपचार के रास्ते सुलभ हैं. पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिस्ऑर्डर (PTSD) का इलाज उपचारों से किया जा सकता है. खाने के विकारों के लिए प्रभावी रूप से थेरेपी किया जा सकता है. इस दिशा में आप अपने घरेलू चिकित्सक के सुझाव से किसी प्रोफसनल से मदद ले सकते हैं. यह भी पढ़ें : Throat Problems in Winter: सर्दी से उत्पन्न गले की खुस्की, खरास और सूजन दूर रखने के 8 अचूक उपाय!

कुछ अन्य रणनीतियां (Strategies)

* अपने तृप्ति संकेतों की एक डायरी मेंटेन करें ताकि उन्हें पहचान सकें. हर बार जब आप खाते हैं, तो ध्यान दें कि क्या आप असंतुष्ट, संतुष्ट अथवा अति संतुष्ट महसूस करते हैं. हर बार केवल संतुष्ट होने का लक्ष्य रखें. अगर आपके पास आईफोन है, तो आप वैज्ञानिर साक्ष्य के आधार पर जुबैर सालिस के ऐप का उपयोग कर सकते हैं.

* अपने आहार में पोषक तत्वों के अलावा न्यूनतम अल्ट्रा प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का चयन करें. विशेष रूप से स्वस्थ खाद्य-पदार्थों का सेवन करें. इससे आपके शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं, ताकि आपके तृप्ति संकेत सक्रिय रहें.

* आपकी थाली में जो भी खाना परोसा जा रहा है, उसकी क्वालिटी के साथ-साथ क्वांटिटी पर भी ध्यान रखें, ताकि जब भी आपके सामने खाने की थाली आये तो उसकी मात्रा आपको पता रहनी चाहिए, उतना ही लें जितना रोज खाते हैं.

* बचे हुए खाने को आप स्टोर करके फ्रिज में रख सकते हैं. अगर आपको आपके मस्तिक ने संकेत दे दिया कि आपका पेट भर गया है तो आप खाने का टेबल तुरंत छोड़ दें

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 15, 2022 04:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).