बकरीद 2026: इस ईद अपने हाथों पर सजाएं ये खूबसूरत मेहंदी डिजाइन्स, जानें लेटेस्ट ट्रेंड्स
ईद मुबारक! 2026 (Photo Credits: File Image)

भारत में बकरीद (ईद-उल-अजहा) का त्योहार मई 2026 के अंत में मनाए जाने की संभावना है. इस खास मौके पर नए कपड़ों और लजीज पकवानों के साथ-साथ महिलाओं के बीच मेहंदी लगाने का एक अलग ही उत्साह होता है. साल 2026 में मेहंदी के डिजाइन्स में 'मिनिमलिज्म' (सादगी) और 'फ्यूजन' का बोलबाला दिख रहा है. चाहे आप बारीक नक्काशी पसंद करती हों या झटपट लगने वाली अरबी डिजाइन, इस साल के ट्रेंड्स हर किसी के लिए कुछ न कुछ खास लेकर आए हैं.

2026 के टॉप मेहंदी ट्रेंड्स

इस साल मेहंदी के डिजाइन्स में कुछ खास पैटर्न काफी लोकप्रिय हो रहे हैं:

मॉडर्न अरबी फ्यूजन: बोल्ड फूलों और बेलों वाली अरबी मेहंदी हमेशा पसंद की जाती है. 2026 में इसमें 'जाली वर्क' और बारीक डॉट्स का इस्तेमाल इसे और भी आधुनिक लुक दे रहा है.

मंडला आर्ट (Mandala Art): हथेली के बीचों-बीच एक खूबसूरत चक्र या गोल डिजाइन और उंगलियों पर बारीक काम इस बार भी महिलाओं की पहली पसंद बना हुआ है. यह दिखने में सोबर और पारंपरिक लगता है.

चांद और सितारे: ईद के मौके पर हथेली या कलाई पर बारीक 'क्रेसेंट मून' (अर्धचंद्र) और छोटे सितारों वाले मोटिफ्स इस त्योहार की थीम के साथ एकदम सटीक बैठते हैं.

मिनिमलिस्ट फिंगर डिजाइन: जो महिलाएं पूरे हाथ पर मेहंदी नहीं लगाना चाहतीं, वे केवल उंगलियों पर हैवी डिजाइन और हथेली को खाली छोड़कर एक स्टाइलिश लुक अपना रही हैं.

ज्वेलरी स्टाइल मेहंदी का बढ़ता क्रेज

पिछले कुछ समय से 'हथफूल' या 'ब्रेसलेट' स्टाइल मेहंदी का चलन तेजी से बढ़ा है. इसमें कलाई पर चूड़ी की तरह डिजाइन बनाई जाती है जो एक चेन के जरिए उंगलियों तक पहुंचती है. यह डिजाइन खासतौर पर उन युवतियों के लिए है जो पारंपरिक मेहंदी को वेस्टर्न या इंडो-वेस्टर्न कपड़ों के साथ कैरी करना चाहती हैं. बैक-हैंड के लिए यह डिजाइन सबसे बेहतरीन मानी जा रही है.

मेहंदी का रंग गहरा करने के आसान तरीके

नक्काशी तभी खिलकर आती है जब मेहंदी का रंग गहरा चढ़े. इसके लिए कुछ पारंपरिक नुस्खे आज भी कारगर हैं. मेहंदी सूखने के बाद उस पर नींबू और चीनी का घोल लगाएं ताकि वह ज्यादा समय तक हाथों पर टिकी रहे. इसे हटाने के बाद कम से कम 12 घंटों तक पानी के संपर्क में आने से बचें और गहरे रंग के लिए सरसों का तेल या लौंग का धुआं लेना फायदेमंद हो सकता है.

त्योहार की तैयारी और सांस्कृतिक महत्व

बकरीद पर मेहंदी लगाना केवल सजने-संवरने का जरिया नहीं है, बल्कि यह खुशियों और बरकत का प्रतीक भी माना जाता है. भारत के विभिन्न हिस्सों में 'चांद रात' के दौरान बाजारों में मेहंदी लगवाने के लिए खासी भीड़ देखी जाती है. इस साल 27 या 28 मई को होने वाली बकरीद के लिए आप अपनी पसंद के अनुसार अभी से डिजाइन्स का चुनाव कर सकती हैं ताकि आखिरी वक्त में कोई हड़बड़ी न हो.