Bakrid 2026: भारत में कब मनाई जाएगी ईद-उल-अजहा? जानें संभावित तारीखें और चांद देखने का महत्व

Bakrid 2026: पवित्र महीने धू अल-कादा (Dhu al-Qadah) के अंतिम चरणों में पहुंचने के साथ ही, पूरे भारत में मुस्लिम समुदाय ईद-उल-अजहा 2026 (Eid Ul Azha 2026) की तैयारियों में जुट गया है. बकरीद (Bakrid) या ईद-अल-अधा (Eid al-Adha) के नाम से जाना जाने वाला यह त्योहार पैगंबर इब्राहिम (Prophet Ibrahim) की भक्ति की याद में मनाया जाता है. भारत में इस साल बकरीद 27 मई या 28 मई को मनाए जाने की संभावना है, हालांकि सटीक तारीख नए चांद के दीदार पर निर्भर करेगी.

इस्लामी कैलेंडर पूरी तरह से चंद्र गणना पर आधारित होता है, जिसमें प्रत्येक महीना 29 या 30 दिनों का होता है. नए महीने की शुरुआत तभी होती है जब स्थानीय हिलाल (चांद) समितियां 29वें दिन की शाम को नए चांद के दिखने की पुष्टि करती हैं. भारत में धू अल-कादा का महीना 17 अप्रैल को शुरू हुआ था, जो हज यात्रा और बकरीद की तैयारी का एक महत्वपूर्ण समय माना जाता है. यह भी पढ़ें: Hajj 2026 Dates: संभावित तारीखें और तीर्थयात्रियों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश

बकरीद 2026: दो संभावित स्थितियां

बकरीद की आधिकारिक तारीख धू अल-हिज्जा (इस्लामी कैलेंडर का 12वां महीना) की शुरुआत से तय होती है, क्योंकि यह त्योहार इस महीने के 10वें दिन मनाया जाता है। 17 मई की शाम को होने वाले चांद के दीदार के आधार पर दो संभावनाएं बन रही हैं:

  • संभावना 1: यदि 17 मई की शाम को चांद नजर आता है, तो धू अल-हिज्जा 18 मई से शुरू होगा.  ऐसी स्थिति में भारत में बकरीद 27 मई 2026 (बुधवार) को मनाई जाएगी.
  • संभावना 2: यदि 17 मई को चांद दिखाई नहीं देता है, तो धू अल-कादा का महीना 30 दिन का पूरा होगा। इसके बाद धू अल-हिज्जा 19 मई से शुरू होगा और बकरीद 28 मई 2026 (गुरुवार) को मनाई जाएगी.

धार्मिक महत्व और परंपराएं

धू अल-हिज्जा के पहले दस दिनों को इस्लाम में साल के सबसे पवित्र दिन माना जाता है. इस अवधि का समापन 'अराफाह के दिन' (9वां दिन) पर होता है, जो हज का मुख्य हिस्सा है, और इसके अगले दिन ईद का जश्न शुरू होता है.

भारत में इस अवसर पर विशेष सामूहिक नमाज अदा की जाती है और कुर्बानी की रस्म निभाई जाती है. साथ ही, परिवार और मित्रों के साथ मिलकर भोजन साझा किया जाता है. केंद्र और राज्य सरकारों ने फिलहाल 27 मई को सार्वजनिक अवकाश के रूप में सूचीबद्ध किया है, लेकिन चांद दिखने के बाद इसमें बदलाव किया जा सकता है.

हिलाल समितियों की बैठक

दिल्ली, मुंबई और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों की स्थानीय हिलाल समितियां 17 मई की शाम को बैठक करेंगी. इसी बैठक के बाद भारतीय उपमहाद्वीप के लिए बकरीद की अंतिम और आधिकारिक तारीख की घोषणा की जाएगी.