Bakri Eid 2026 Mehndi Designs: इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार बकरीद (ईद-उल-अजहा) का त्योहार जून 2026 में मनाया जाना प्रस्तावित है. इस खास मौके पर मुस्लिम समुदाय की महिलाओं और युवतियों में मेहंदी लगाने का काफी उत्साह देखा जाता है. साल 2026 के फैशन ट्रेंड्स पर नजर डालें तो इस बार 'मिनिमलिस्टिक' (कम और सुंदर) और 'इंडो-अरेबिक' डिजाइनों की मांग सबसे अधिक है. त्योहार की तैयारी को देखते हुए बाजारों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर नए डिजाइनों की एक विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध है.
बकरीद कब है:
भारत में साल 2026 में बकरीद (ईद-उल-अजहा) 27 मई 2026, बुधवार को मनाए जाने की प्रबल संभावना है.
बकरीद की तारीख से जुड़ी कुछ मुख्य बातें:
संभावित तारीख: भारत के अधिकांश हिस्सों में यह त्योहार 27 मई को मनाया जाएगा. हालांकि, जम्मू-कश्मीर और कुछ अन्य क्षेत्रों में चांद दिखने के आधार पर यह 28 मई को भी हो सकता है.
चांद का दीदार: इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, बकरीद 'जुल-हिज्जा' महीने की 10वीं तारीख को मनाई जाती है. इसका सटीक निर्धारण 17 या 18 मई को चांद दिखने के बाद ही होगा.
अरेबिक और इंडो-अरेबिक डिजाइन का क्रेज
अरेबिक मेहंदी डिजाइन हमेशा से अपनी बोल्ड आउटलाइन और खाली जगह (Negative space) के लिए पसंद की जाती रही है. 2026 में इसमें थोड़ा बदलाव करते हुए 'इंडो-अरेबिक' स्टाइल को शामिल किया गया है. इसमें अरेबिक स्टाइल के बड़े फूलों के साथ भारतीय मेहंदी की बारीक नक्काशी का तालमेल बिठाया जाता है. यह डिजाइन उन महिलाओं के लिए बेहतर है जो अपने हाथों पर आधुनिक और पारंपरिक, दोनों तरह का लुक चाहती हैं.
मिनिमलिस्टिक और बेल डिजाइन
वर्किंग प्रोफेशनल्स और कॉलेज जाने वाली युवतियों के बीच मिनिमलिस्टिक डिजाइन काफी वायरल हो रहे हैं. इसमें पूरी हथेली को भरने के बजाय केवल एक उंगली पर बारीक बेल या हथेली के बीच में एक सुंदर मंडल (Mandala) बनाया जाता है. इसके अलावा, कलाई पर 'ब्रेसलेट स्टाइल' मेहंदी भी इस साल काफी चर्चा में है, जो गहनों जैसा लुक प्रदान करती है.
प्राकृतिक मेहंदी और सावधानी
बाजार में मिलने वाली केमिकल युक्त इंस्टेंट मेहंदी के बजाय इस साल लोग फिर से प्राकृतिक और ऑर्गेनिक मेहंदी की ओर रुख कर रहे हैं. सौंदर्य विशेषज्ञों का मानना है कि घर की पिसी हुई मेहंदी न केवल सुरक्षित होती है, बल्कि इसका रंग भी अधिक गहरा और लंबे समय तक टिकने वाला होता है. मेहंदी लगाने के बाद उसे प्राकृतिक रूप से सूखने देना और सरसों का तेल या लौंग का धुंआ लेना रंग को गहरा करने के पारंपरिक और प्रभावी तरीके बने हुए हैं.
बकरीद पर मेहंदी केवल साज-श्रृंगार का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह खुशियों और भाईचारे के त्योहार का स्वागत करने का एक सुंदर तरीका है. ट्रेंड्स कोई भी हों, सादगी और स्पष्टता वाले डिजाइन इस साल प्राथमिकता पर हैं.













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