आने वाले वर्षों में ब्रिटिश से बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा भारत
ईरानी ने कहा कि वर्ष 2014 में जिन आर्थिक परिस्थितियों में कांग्रेस नीत यूपीए ने देश को छोड़ा था, उस दौरान कर्ज था. कई घोटाले थे. आज उससे उबरकर एक नए भारत की कल्पना के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता के आशीर्वाद से आगे बढ़ रहे हैं
रायपुर: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा है कि आने वाले वर्षों में देश ब्रिटिश अर्थव्यवस्था से भी बड़ी ताकतवर अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है. ईरानी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आर्थिक विकास और आर्थिक क्रांति का सबसे बड़ा पैमाना कोई हो तो आज वैश्विक स्तर पर यह माना जाता है कि हिंदुस्तान आर्थिक रूप से और सशक्त हुआ है. आज यह भी माना जाता है कि आने वाले समय में हम लोग ब्रिटिश अर्थव्यवस्था से भी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं. यह तभी संभव हुआ है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जन कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से हम आर्थिक सशक्तीकरण और राष्ट्र नवनिर्माण की ओर बढ़ पाए हैं. मंत्री ने कहा कि यह मान्यता केवल भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम जैसे संस्थानों ने भी माना है कि केंद्र सरकार के माध्यम से जो योजनाएं लाई जा रही हैं, उनके चलते आर्थिक रूप से हिंदुस्तान सशक्त हो रहा है.
ईरानी ने कहा कि वर्ष 2014 में जिन आर्थिक परिस्थितियों में कांग्रेस नीत यूपीए ने देश को छोड़ा था, उस दौरान कर्ज था. कई घोटाले थे. आज उससे उबरकर एक नए भारत की कल्पना के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता के आशीर्वाद से आगे बढ़ रहे हैं. उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राज बब्बर के नक्सलियों को लेकर दिए गए बयान से संबंधित सवाल के जवाब में ईरानी ने कहा कि अगर राज बब्बर जी को लगता है कि वह जो बेगुनाहों का खून बहाते हैं, जो हमारे सुरक्षाबलों को मौत के घाट उतारने का दुस्साहस करते हैं, उनमें उन्हें क्रांति दिखती है तब मुझे लगता है कांग्रेस के लिए यह शर्म की बात है. मैं चिंतित हूं कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सार्वजनिक रूप से इसका खंडन नहीं किया है.
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उनकी चुप्पी में ऐसे बयानों को सह मिलती है. कम से कम अपनी राजनीतिक मतभेद छोड़कर संविधान और कानून के संरक्षण के लिए राष्ट्रहित में कांग्रेस पार्टी को अपने नेता के इस बयान का खंडन करना चाहिए था. गौरतलब है कि राज बब्बर ने शनिवार को रायपुर में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा था कि गोलियां और बंदूकें नक्सलवाद का हल नहीं कर सकती हैं. धमकाकर, डराकर इस समस्या का हल नहीं निकाला जा सकता है. ऐसे लोगों को नहीं रोका जा सकता है जिन्होंने क्रांति की शुरुआत कर दी है। हालांकि बब्बर ने इस मुद्दे पर अपनी सफाई भी दी थी.
छत्तीसगढ़ में हो रहे विधानसभा चुनाव में दो चरणों में मतदान होगा. पहले चरण में नक्सल प्रभवित बस्तर क्षेत्र के सात जिलों और राजनांदगांव जिले की 18 सीटों लिए इस महीने की 12 तारीख को तथा शेष 72 सीटों के लिए 20 तारीख को मतदान होगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 06, 2018 08:41 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

