Delhi Government’s Decision: पेट्रोल पंप पर अब पुराने वाहनों को नहीं मिलेगा डीजल और पेट्रोल, 1 जुलाई से निर्णय होगा लागू
दिल्ली के लोगों के लिए एक अहम खबर सामने आई है. दरअसल अब 1 जुलाई से दिल्ली में 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों और 10 साल पुराने डीजल वाहनों को पेट्रोल पंपों पर तेल नहीं दिया जाएगा.
दिल्ली: दिल्ली के लोगों के लिए एक अहम खबर सामने आई है. दरअसल अब 1 जुलाई से दिल्ली में 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों और 10 साल पुराने डीजल वाहनों को पेट्रोल पंपों पर तेल नहीं दिया जाएगा.दिल्ली के लोगों के लिए एक अहम खबर सामने आई है. दरअसल अब 1 जुलाई से दिल्ली में 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों और 10 साल पुराने डीजल वाहनों को पेट्रोल पंपों पर तेल नहीं दिया जाएगा.यह निर्णय वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और वायुगुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से लिया गया है.कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के अनुसार, 1 नवंबर 2025 से यह नियम गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाज़ियाबाद, गौतम बुद्ध नगर और सोनीपत जैसे एनसीआर के शहरों में भी लागू होगा.
इसके अलावा, 1 अप्रैल 2026 से यह प्रतिबंध पूरे एनसीआर क्षेत्र में प्रभावी हो जाएगा. इसको लेकर अब तैयारियां शुरू हो चुकी है. ये भी पढ़े:What is ‘No Fuel to Old Car’ Policy: दिल्ली में अब पुराने वाहनों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, ANPR कैमरे से होगी निगरानी; सरकार लाने जा रही ‘नो फ्यूल टू ओल्ड कार’ पॉलिसी (Watch Video)
500 पेट्रोल पंपों पर लगेंगे ANPR कैमरे
इस योजना के तहत दिल्ली के 500 पेट्रोल पंपों पर ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे वाहन की उम्र, ईंधन प्रकार और पंजीकरण की स्थिति का रीयल टाइम डेटा उपलब्ध होगा. इससे यह तुरंत पहचाना जा सकेगा कि कोई वाहन नियमों के दायरे में है या नहीं.
वाहन के एंट्री करते ही हो जाएगी जांच
एएनपीआर सिस्टम के माध्यम से जैसे ही वाहन पेट्रोल पंप के अंदर आएगा, उसके नंबर प्लेट की स्वचालित स्कैनिंग होगी. यदि वाहन 15 साल से ज्यादा पुराना है, तो उसे पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा.यदि कोई वाहनचालक इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसका वाहन जप्त किया जा सकता है और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.अब तक की जांच में 4.90 लाख वाहनों को "एंड ऑफ लाइफ" के रूप में चिह्नित किया गया है और 168 करोड़ रुपए के चालान जारी किए गए हैं.
पुराने वाहन हैं वायु प्रदूषण का मुख्य कारण
डॉ. वीरेंद्र शर्मा (CAQM सदस्य) के अनुसार, वायु प्रदूषण में पुरानी गाड़ियों की बड़ी भूमिका है. इसलिए, बीएस मानक से पहले के वाहनों को हटाना जरूरी हो गया है. दिल्ली ट्रैफिक विभाग ने पेट्रोल पंपों पर विशेष जांच टीमें भी तैनात की हैं, जिनमें 100 कर्मी काम कर रहे हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 21, 2025 06:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

