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कोरोना वॉरियर्स के लिए बनाया गया खास हर्बल स्प्रे, मास्क पर लगाने से मिलेगी राहत

देशभर में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामलें बढ़ते जा रहे है. इस बीच पुलिस, डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को राहत देने के मकसद से एक हर्बल स्प्रे बनाया गया है. जो कि लंबे समय तक मास्क पहनने वाले कोरोना वॉरिअर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है.

कोरोना वॉरियर्स के लिए बनाया गया खास हर्बल स्प्रे, मास्क पर लगाने से मिलेगी राहत
एलएनजेपी अस्पताल के डॉक्टर, नर्स और स्टाफ (Photo Credits: ANI)

नई दिल्ली: देशभर में कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण के मामलें बढ़ते जा रहे है. इस बीच पुलिस, डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को राहत देने के मकसद से एक हर्बल स्प्रे बनाया गया है. जो कि लंबे समय तक मास्क पहनने वाले कोरोना वॉरिअर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है.

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मास्क के उपयोग पर जोर दिया जा रहा है. पुलिस, डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को लंबे समय मास्क लगाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें कई बार सांस लेने में घुटन महसूस होती है. भारतीय वैज्ञानिकों ने एक हर्बल डीकन्जेस्टैंट स्प्रे विकसित किया है, जो इस समस्या से निजात दिलाने में मददगार हो सकता है. कोरोना वायरस से मुंबई में पुलिस वाले की पहली मौत, वकोला पुलिस स्टेशन में तैनात हेड कॉन्स्टेबल की गई जान

यह हर्बल डीकन्जेस्टैंट स्प्रेकिसीइन्हैलर की तरह काम करता है, जिसे नेशनल बोटैनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (एनबीआरआई) के शोधकर्ताओं द्वारा तैयार किया गया है.लखनऊ स्थित एनबीआरआई काउंसिल ऑफ साइंटिफिक ऐंड इंडस्ट्रियल रिसर्च की एक प्रयोगशाला है, जिसे मुख्य रूप से वनस्पतियों पर किए जाने वाले उसके अनुसंधान कार्यों के लिए जाना जाता है. एनबीआरआई के इस हर्बल स्प्रे के शुरुआती नतीजे बेहद शानदार मिले हैं. देर तक मास्क पहनने वाले लोगों को इससे काफी राहत मिल रही है.

एनबीआरआई के मुख्य वैज्ञानिक डॉ शरद श्रीवास्तव ने इंडिया साइंस वायर को बताया कि “इस हर्बल डीकन्जेस्टैंट स्प्रे को औषधीय और सगंध पौधों से तैयार किया गया है और इसका उपयोग पूरी तरह से सुरक्षित है.जिन पादप तत्वों का उपयोग इस स्प्रे में किया गया है, उनके नाम का खुलासा बौद्धिक संपदा संबंधी कारणों से अभी नहीं किया जा सकता. इसेसिर्फ एक बार मास्क पर स्प्रे करना होता है. स्प्रे करने के बाद मास्क का उपयोग करने पर नासिका और श्वसन तंत्र खुल जाता है और फिर सांस लेने में परेशानी नहीं होती.” कोरोना वायरस की फिर हो सकती है वापसी, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया को चेताया

इस स्प्रे को आयुष मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के आधार पर तैयार किया गया है. संस्थान की योजना इस इन्हैलर की तकनीक को व्यावसायिक उत्पादन के लिए हस्तांतरित करने की है, ताकि बड़े पैमाने पर इसका उत्पादन किया जा सके और इसे जरूरतमंदों तक पहुँचाया जा सके.

गौर हो कि देश में पिछले 24 घंटों में 1490 नए कोरोना मरीज मिले है. जबकि 56 मौतें दर्ज की गईं हैं. इसके साथ कोरोना वायरस मामलों की कुल संख्या बढ़कर 24,942 हो गई है. इसमें से 5210 संक्रमित ठीक हो गए है और 779 ने दम तोड़ दिया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 25, 2020 09:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).