VIDEO: चुनाव से पहले खाई थी कसम, नगरपालिका हारने के बाद LDF कार्यकर्ता ने कटवाई मूंछें, केरल के पथानामथिट्टा का वीडियो आया सामने
An LDF worker shaved off his mustache (Credit-@nedricknews)

Kerala News: केरल (Kerala) के स्थानीय निकाय चुनाव (Local Body Elections) में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की करारी हार एक कार्यकर्ता के लिए निजी मामला बन गई. पाथनमथिट्टा (Pathanamthitta) जिले में LDF कार्यकर्ता बाबू वर्गीज ने पार्टी की हार के बाद अपनी पहचान मानी जाने वाली मूंछें (Moustache) कटवा लीं. चुनाव प्रचार (Election Campaign) के दौरान बाबू वर्गीज ने सार्वजनिक रूप से ऐलान किया था कि अगर LDF पाथनमथिट्टा में सत्ता बरकरार नहीं रख पाई, तो वे अपनी मूंछें मुंडवा देंगे.

नतीजे सामने आते ही उनका यह दांव (Bet) उल्टा पड़ गया. इसका वीडियो सोशल मीडिया X पर @nedricknews नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Kerala Local Body Election 2025: केरल में पहले चरण में 7 जिलों के 11,168 वार्डों में मतदान शुरू, 36,630 उम्मीदवार मैदान में; VIDEO

कार्यकर्ता ने मुंडवाई मूंछें

UDF की बड़ी जीत

शनिवार को घोषित नतीजों (Counting Results) में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने जिले में जोरदार प्रदर्शन किया. UDF ने चार में से तीन नगरपालिकाएं—पाथनमथिट्टा, तिरुवल्ला (Thiruvalla) और पंडालम (Pandalam)—अपने नाम कर लीं. LDF केवल अडूर (Adoor) नगरपालिका बचा सका.

जिला पंचायत से लेकर ग्राम पंचायत तक बदलाव

जिला पंचायत (District Panchayat) की 16 सीटों में से UDF ने 12 पर कब्जा जमाया, जबकि पहले यहां LDF का दबदबा था. इसके अलावा UDF ने 34 ग्राम पंचायत (Grama Panchayat) और 7 ब्लॉक पंचायत (Block Panchayat) भी जीत लीं, जिससे जिले में वर्षों से चला आ रहा लेफ्ट वर्चस्व (Left Dominance) टूटता नजर आया.

सैलून में पूरी की शर्त

नतीजों के रुझान साफ होते ही बाबू वर्गीज स्थानीय सैलून (Saloon) पहुंचे और अपनी मूंछें कटवा लीं. यह पूरा दृश्य कैमरे में कैद (Captured on Camera) हुआ, जिसे बाद में सोशल मीडिया (Social Media) पर साझा किया गया. वीडियो में आसपास मौजूद लोग तालियां और सीटियां बजाते नजर आ रहे हैं.

राज्य की राजनीति के संकेत

2025 के स्थानीय चुनाव नतीजों (2025 Poll Results) को केरल की राजनीति (Kerala Politics) में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है. राज्य में UDF ने 86 में से 54 नगरपालिकाएं, 941 में से 504 ग्राम पंचायतें और 152 में से 79 ब्लॉक पंचायतें जीतकर मजबूत वापसी (Comeback) दर्ज की .इन नतीजों ने कोल्लम (Kollam), कोच्चि (Kochi) और त्रिशूर (Thrissur) जैसे पारंपरिक लेफ्ट गढ़ों में भी समर्थन में गिरावट (Erosion of Support) को उजागर किया है. वहीं, तिरुवनंतपुरम निगम (Thiruvananthapuram Corporation) में बीजेपी (BJP) की जीत ने यह संकेत दिया है कि केरल की राजनीति अब केवल दो दलों की लड़ाई नहीं रही.