Who Is Shimjitha Mustafa? केरल के कोझिकोड जिले में सोशल मीडिया के 'साइबर ट्रायल' का एक घातक परिणाम सामने आया है. एक महिला द्वारा बस में छेड़छाड़ का आरोप लगाकर वीडियो वायरल किए जाने के बाद, आरोपी 44 वर्षीय व्यक्ति ने कथित तौर पर मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या कर ली है. मृतक की पहचान कोझिकोड के गोविंदपुरम निवासी दीपक के रूप में हुई है. इस घटना के बाद आरोपी महिला, शिमजीता मुस्तफा (Shimjitha Mustafa) के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और वह फिलहाल फरार है.
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब वडकरा की रहने वाली शिमजीता मुस्तफा ने एक KSRTC बस के भीतर का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया. वीडियो में उसने सह-यात्री दीपक पर गलत तरीके से छूने और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया था. वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया और सोशल मीडिया यूजर्स ने बिना किसी कानूनी जांच के दीपक को अपराधी मानकर उसे बुरी तरह ट्रोल करना शुरू कर दिया.
सोशल मीडिया ट्रायल और दुखद अंत
दीपक के परिवार का आरोप है कि इस वीडियो और उसके बाद हुए सार्वजनिक अपमान के कारण वह गहरे सदमे में था. दीपक एक निजी कंपनी में सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत था. उसके दोस्तों के अनुसार, वह इन आरोपों को झूठा बता रहा था और कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहा था. हालांकि, 18 जनवरी 2026 को उसने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी.
देखें वीडियो
Kozhikode is in deep shock and grief after the sudden death of 40-year-old Deepak U, a native of #Govindapuram.
Deepak died by suicide after a video shared on social media accused him of sexually harassing a woman on a bus. His family says he was innocent and could not bear the… https://t.co/SXkAkOXim0 pic.twitter.com/yBeNrxrhbj
— Hate Detector 🔍 (@HateDetectors) January 19, 2026
पुलिस कार्रवाई और मानवाधिकार आयोग का हस्तक्षेप
दीपक की मृत्यु के बाद, उसकी मां की शिकायत पर कोझिकोड मेडिकल कॉलेज पुलिस ने शिमजीता मुस्तफा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत गैर-जमानती मामला दर्ज किया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिमजीता ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट कर दिए हैं और वह घर छोड़कर फरार हो गई है.
राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी इस मामले पर कड़ा संज्ञान लिया है. आयोग ने इसे 'बिना जांचे-परखे सोशल मीडिया ट्रायल' का दुखद परिणाम बताते हुए उत्तर क्षेत्र के डीआईजी (DIG) को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है.
शिमजिथा मुस्तफा का परिचय
शिमजीता मुस्तफा केरल के वडकरा की रहने वाली है और एक राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में जानी जाती रही है. वह पूर्व पंचायत सदस्य भी रह चुकी है. सोशल मीडिया पर खुद को महिलाओं के अधिकारों की पैरोकार बताने वाली शिमजीता अब खुद कानूनी शिकंजे में है. जांच में यह भी सामने आया है कि उसने पहले दावा किया था कि उसने घटना की शिकायत वडकरा पुलिस में की थी, लेकिन पुलिस ने ऐसी किसी भी शिकायत के मिलने से इनकार किया है.
यह मामला देश भर में 'कॉल-आउट कल्चर' और डिजिटल मॉब लिंचिंग (Social Media Trial) के खतरों पर एक नई बहस छेड़ चुका है.
क्या आप इस मामले में पुलिस द्वारा जारी किए गए लुकआउट नोटिस या मानवाधिकार आयोग की अगली सुनवाई के बारे में अपडेट जानना चाहेंगे?













QuickLY