देश

देश के व्यस्त रूटों पर जल्द दौड़ेंगी 151 प्राइवेट हाईस्पीड ट्रेनें, रेलवे ने पेश किया खाका

भारतीय रेल ने देश में ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठा रही है. इसके तहत रेलवे जल्द ही तेजस एक्सप्रेस की तर्ज पर 151 निजी ट्रेनों को चलाने की तैयारी कर रही है. इन ट्रेनों के संचालन के लिए मंत्रालय ने हाल ही में आरएफक्यू (Request for Qualifications) के लिए आमंत्रित किया है.

देश के व्यस्त रूटों पर जल्द दौड़ेंगी 151 प्राइवेट हाईस्पीड ट्रेनें, रेलवे ने पेश किया खाका
तेजस एक्सप्रेस (Photo Credits: Twitter)

नई दिल्ली: भारतीय रेल (Indian Railways) ने देश में ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठा रही है. इसके तहत रेलवे जल्द ही तेजस एक्सप्रेस (Tejas Express) की तर्ज पर 109 रूटों पर 151 निजी ट्रेनों (Private Trains) को चलाने की तैयारी कर रही है. इन ट्रेनों के संचालन के लिए रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) ने हाल ही में आरएफक्यू (Request for Qualifications) के लिए आमंत्रित किया है.

रेलवे ने बयान जारी कर बताया कि एक बार चयन प्रक्रिया समाप्त हो जाने के बाद 151 ट्रेने निजी ऑपरेटरों द्वारा चलाई जाएंगी, जो पहले से मौजूद ट्रेनों के अलावा होंगी. ये ट्रेनें उन मार्गों पर चलने वाली हैं, जहां पहले से ही मौजूदा क्षमता से अधिक ट्रेनों की मांग है. मंत्रालय ने बताया कि इस परियोजना से लगभग 30,000 करोड़ रुपये का निजी क्षेत्र का निवेश होगा. भारतीय रेल नेटवर्क पर यात्री ट्रेनों को चलाने के लिए निजी निवेश की यह पहली पहल है. लॉकडाउन के बावजूद रेलवे की दो बड़ी परियोजना डीएफसी, बुलेट ट्रेन सही रास्ते पर

गौरतलब है कि रेलवे जल्द ही तेजस एक्सप्रेस की तर्ज पर 151 निजी ट्रेनों को चलाने जा रहा है. बयान के मुताबिक अधिकतर कोच भारत में निर्मित किए जाएंगे. जबकि ट्रेनों को अधिकतम स्पीड 160 किमी प्रतिघंटा के लिए डिज़ाइन किया जाएगा. जिससे यात्रा के समय में काफी कमी आएगी. ये ट्रेनें रेलवे के 12 जोन में चलाई जाएंगी.

फिलहाल देश में आईआरसीटीसी दो निजी तेजस ट्रेनों का संचालन कर रहा है. रेल मंत्रालय के मुताबिक निजी ट्रेन चलाने से जहां कई लोगों को रोजगार मिलेगा, वहीं यात्रियों को आने-जाने में कम समय लगेगा. इतना ही नहीं यात्रियों को बढ़िया सुरक्षा और विश्व स्तरीय सुविधाएं भी मिलेंगी. इन ट्रेनों की सुरक्षा और संरक्षा की जिम्मेदारी भारतीय रेलवे की होगी, साथ ही इन निजी ट्रेनों में ड्राइवर्स और गार्ड भी रेलवे के होंगे. जबकि ट्रेनों की फाइनेंसिंग, खरीद, संचालन और रखरखाव का जिम्मा निजी ऑपरेटर के हाथ में होगा. हालांकि रेलवे ने पहले ही कहा है कि इन प्राइवेट ट्रेनों में यात्री किराया महंगा नहीं होगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 09, 2020 12:12 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).