भारतीय रेलवे ने 90 फीसद से ज्यादा ब्रॉड गेज रूट का इलेक्ट्रिफिकेशन कर लिया है.
जर्मनी में रेलवे चालक तीन दिन की हड़ताल पर हैं.
दक्षिण कोरिया की संसद ने एक ऐतिहासिक कानून पास करते हुए सदियों से चली आ रही कुत्तों का मांस खाने की परंपरा को अवैध घोषित कर दिया है.
नए साल के दिन जापान में 7.6 तीव्रता का जो भूकंप आया था उसकी वजह से मारे जाने वालों की संख्या 200 से ज्यादा हो चुकी है. आठ लोगों की मौत तो इवैक्यूएशन केंद्रों पर चोटें लगने और बीमारी की वजह से हुई.
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अल्पसंख्यक दर्जे के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की संविधान पीठ सुनवाई कर रही है.
गैब्रिएल अताल फ्रांस के नए प्रधानमंत्री बने हैं.
इस साल की वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सैकड़ों निवेशकों को लुभाने की कोशिश करेंगे.
9 जनवरी को भूटान में नई सरकार के लिए हुए मतदान हुआ.
धार्मिक स्वतंत्रता के गंभीर उल्लंघन का आरोप लगाते हुए अमेरिका ने चीन और पाकिस्तान को "विशेष चिंता वाला देश" करार दिया है.
ऑस्ट्रेलिया में हर साल 13 जनवरी से एक हफ्ते के लिए लोगों से कहा जाता है कि वे मेंढ़कों की प्रजाति केन टोड को मार डालें.
संतोष दुबे के लिए राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह आजादी के दिन से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है, जबकि मोहम्मद शाहिद के लिए छह दिसंबर, 1992 बस खून भरी यादों की तारीख है.
जर्मनी में राजधानी बर्लिन समेत कई शहरों में किसान हड़ताल पर हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने बिलकिस बानो के साथ बलात्कार के दोषी पाए गए अपराधियों को समय से पहले मिली रिहाई को निरस्त कर दिया है.
रविवार को मालदीव ने उन तीन मंत्रियों को मंत्रिमंडल से निलंबित कर दिया, जिन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी की थी.
जर्मनी की धुर दक्षिणपंथी लोकप्रिय पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी चुनावों में काफी आगे निकल रही है.
मछली को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए गैरकानूनी तरीके से फॉर्मेलडिहाइड का उपयोग होता है.
मांस और डेयरी आहार से पर्यावरण पर होने वाले असर स्पष्ट हैं.
अभी भी कुछ लोगों के सीने में यह कृत्रिम हृदय धड़क रहा है, लेकिन अहम सवाल यह है कि आम लोगों तक यह तकनीक कब पहुंचेगी?हृदय वास्तव में हमारे शरीर का एक काफी सरल अंग होता है.
शराब पीने के बाद सुबह उठने पर अगर सिर में दर्द महसूस हो, जी मिचलाए, शरीर थका-थका सा लगे, तो ये हैंगओवर के लक्षण हैं.
पिछले साल सामाजिक विमर्श को आकार देने वाले चुनिंदा प्रभावशाली मुद्दों में से एक था पलायन.