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Ladki Bahin Yojana: सरकारी कर्मचारियों पर महाराष्ट्र सरकार की सख्ती, अपात्र लाभार्थियों से ₹11 करोड़ की वसूली, विभागीय कार्रवाई भी हो सकती हैं

महाराष्ट्र सरकार ने 'लाडकी बहिन योजना' के तहत अपात्र लाभार्थियों से 11 करोड़ रुपये वसूल किए हैं. जांच में सामने आया है कि बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों ने नियमों का उल्लंघन कर इस योजना का लाभ उठाया था, जिन पर अब दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है.

Ladki Bahin Yojana: सरकारी कर्मचारियों पर महाराष्ट्र सरकार की सख्ती, अपात्र लाभार्थियों से ₹11 करोड़ की वसूली, विभागीय कार्रवाई भी हो सकती हैं
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Ladki Bahin Yojana:  महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना' में बड़ी अनियमितताएं सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, सरकार ने अब तक अपात्र लाभार्थियों से लगभग 11 करोड़ रुपये की वसूली की है. चौंकाने वाली बात यह है कि इस धनराशि का एक बड़ा हिस्सा उन सरकारी कर्मचारियों से वसूला गया है, जिन्होंने पात्रता मानदंडों के खिलाफ जाकर योजना का लाभ उठाया था.

सरकारी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई

जांच के दौरान यह पाया गया कि लगभग 12,915 सरकारी कर्मचारियों (मुख्य रूप से ग्रुप C और D श्रेणी) ने गलत तरीके से 1,500 रुपये की मासिक सहायता राशि प्राप्त की. सरकार ने अब इन कर्मचारियों के वेतन से सीधे कटौती कर धन की वसूली शुरू कर दी है. इसके अलावा, दोषी पाए गए कर्मचारियों की पदोन्नति (Promotion) और वेतन वृद्धि (Increment) रोकने जैसी विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है.  यह भी पढ़े:  Ladki Bahin Yojana e-KYC Deadline: लाडकी बहनों के लिए आखिरी मौका, 30 अप्रैल ई-केवाईसी की अंतिम डेट; चूकने पर बंद हो सकती है किस्त

पुरुषों और आयकर दाताओं ने भी उठाया लाभ

ऑडिट और डिजिटल ई-केवाईसी (e-KYC) सत्यापन के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि कई पुरुषों और आयकर भरने वाले परिवारों की महिलाओं ने भी इस योजना के तहत पैसे निकाले थे। नियमों के अनुसार, जिन परिवारों की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक है या जिनके घर में सरकारी कर्मचारी हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं। प्रशासन ने अब तक 6,457 ऐसे लाभार्थियों की पहचान कर उनसे रिकवरी की प्रक्रिया पूरी कर ली है।

स्वेच्छा से पैसे लौटाने की अपील

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, कार्रवाई शुरू होने के बाद कुछ लाभार्थियों ने डर के मारे खुद ही पैसे लौटा दिए हैं और अपना नाम योजना से हटवा लिया है. हालांकि, जो लोग अभी भी अवैध रूप से लाभ ले रहे हैं, उनके खिलाफ वसूली नोटिस जारी किए जा रहे हैं. महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी खजाने का दुरुपयोग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.

सत्यापन की समय सीमा बढ़ी

महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने जानकारी दी है कि रिकॉर्ड को दुरुस्त करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ई-केवाईसी सत्यापन की समय सीमा को बढ़ाकर 30 अप्रैल, 2026 कर दिया गया है। यह उन पात्र महिलाओं के लिए अंतिम अवसर है जिन्होंने अभी तक अपनी जानकारी अपडेट नहीं की है, ताकि भविष्य में केवल वास्तविक लाभार्थियों को ही सहायता मिलती रहे.

 2024 में शुरू हुई यह योजना

जून 2024 में शुरू हुई 'लाडकी बहिन योजना' का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना है. वर्तमान में इस योजना के तहत लगभग 1.57 करोड़ महिलाएं पंजीकृत हैं, जिसके लिए राज्य सरकार ने 36,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है. हालिया ऑडिट ने सिस्टम की खामियों को उजागर किया है, जिसे अब दुरुस्त किया जा रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 28, 2026 12:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).