8th Pay Commission Latest News: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए गठित 8वें वेतन आयोग ने नए वेतन मैट्रिक्स और फिटमेंट फैक्टर को लेकर हितधारकों (Stakeholders) से सुझाव और सिफारिशें मांगी हैं. आयोग ने इसके लिए 31 मई 2026 की समयसीमा तय की है. इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य वर्तमान आर्थिक स्थिति, महंगाई दर और वित्तीय बाधाओं का विश्लेषण करके एक संतुलित वेतन संरचना तैयार करना है. आयोग द्वारा निर्धारित अंतिम निष्कर्ष ही वह 'फिटमेंट फैक्टर' तय करेंगे, जो मौजूदा मूल वेतन को संशोधित सैलरी स्ट्रक्चर में बदलने का काम करेगा.
सुझाव देने के लिए कौन-कौन है पात्र?
वेतन आयोग ने अंतिम प्रस्ताव तैयार करने से पहले समाज के विभिन्न वर्गों और संगठनों से राय मांगी है ताकि इसमें सभी की भागीदारी सुनिश्चित हो सके. इसके तहत निम्नलिखित श्रेणियां अपने सुझाव देने के लिए पात्र हैं:
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नागरिक और रक्षा कैडर के सभी सेवारत केंद्रीय कर्मचारी.
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केंद्रीय कर्मचारी पेंशनभोगी और उनके पारिवारिक पेंशनभोगी.
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सक्रिय रक्षा कर्मी, भूतपूर्व सैनिक और उनसे जुड़े संगठन.
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मान्यता प्राप्त कर्मचारी संघ, महासंघ और स्टाफ-साइड एसोसिएशन.
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आम नागरिक, संस्थागत विशेषज्ञ और अन्य बाहरी हितधारक.
MyGov और आधिकारिक पोर्टल पर ऐसे करें ऑनलाइन सबमिशन
डेटा संग्रह को आसान और व्यवस्थित बनाने के लिए आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी सुझाव केवल डिजिटल माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे. ईमेल, भौतिक पत्र या पीडीएफ अटैचमेंट के जरिए भेजे गए सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा. ऑनलाइन आवेदन के लिए इन चरणों का पालन करें:
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सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल 8cpc.gov.in पर जाएं या MyGov प्लेटफॉर्म पर 8वें वेतन आयोग के कंसल्टेशन सेक्शन को खोलें.
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अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर या वैध ईमेल आईडी के जरिए लॉगिन और ओटीपी सत्यापन (Verification) पूरा करें.
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पोर्टल पर मौजूद विस्तृत प्रश्नावली में अपनी राय दर्ज करें, जिसमें वेतन संशोधन, विशेष भत्ते, फिटमेंट फैक्टर, पेंशन गणना और सेवा शर्तों से जुड़े अलग-अलग खंड शामिल हैं.
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सभी प्रविष्टियों की जांच करने के बाद फाइनल सबमिट बटन पर क्लिक करें.
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल अपलोड के दौरान किसी भी भौतिक दस्तावेज या सहायक कागजात की आवश्यकता नहीं है. कोई भी हितधारक अलग-अलग पहलुओं पर एक से अधिक सुझाव दे सकता है. हालांकि, ये सभी बिंदु केवल सलाहकार प्रकृति के होंगे.
क्षेत्रीय परामर्श और अंतिम रिपोर्ट की समयसीमा
परामर्श प्रक्रिया के पहले चरण की शुरुआत मार्च में नई दिल्ली में औपचारिक सबमिशन के साथ हुई थी, जिसके बाद अप्रैल में व्यापक चर्चा की गई. अब मध्य-वर्ष के चरण में, आयोग क्षेत्रीय कर्मचारी संघों से सीधे मिलने के लिए फील्ड विजिट का कार्यक्रम बना रहा है. मई और जून के दौरान तेलंगाना, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली में समर्पित परामर्श दौर निर्धारित किए गए हैं.
आयोग अपनी स्थापना की तारीख से लगभग 18 महीने बाद, यानी मई या जून 2027 के आसपास अपनी अंतिम समेकित रिपोर्ट केंद्रीय वित्त मंत्रालय को सौंपेगा. हालांकि प्रशासनिक स्वीकृति और इसके अंतिम क्रियान्वयन में समय लग सकता है, लेकिन स्वीकृत संशोधनों को 1 जनवरी 2026 से ही पूर्वव्यापी (Retrospective) प्रभाव से लागू किए जाने की उम्मीद है, जिसका एरियर भी कर्मचारियों को दिया जाएगा.













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