8th Pay Commission Update: आठवें वेतन आयोग की गतिविधियों में तेजी, यूनियनों के साथ बैठक और सुझावों की तारीख बढ़ी
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन व भत्तों में संशोधन के लिए गठित आठवें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) के काम में तेजी आ गई है. आयोग ने विभिन्न सरकारी विभागों, रेलवे और रक्षा क्षेत्र की यूनियनों के साथ नई दिल्ली में अपनी महत्वपूर्ण बैठकें पूरी कर ली हैं.
8th Pay Commission Update: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन व भत्तों में संशोधन के लिए गठित आठवें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) के काम में तेजी आ गई है. आयोग ने विभिन्न सरकारी विभागों, रेलवे और रक्षा क्षेत्र की यूनियनों के साथ नई दिल्ली में अपनी महत्वपूर्ण बैठकें पूरी कर ली हैं. इसके साथ ही, आठवें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर कर्मचारियों और संगठनों द्वारा मेमोरेंडम (प्रतिवेदन) जमा करने की अंतिम तारीख को बढ़ाकर 31 मई 2026 कर दिया गया है.
रक्षा और रेलवे यूनियनों के साथ बैठकें
आठवें वेतन आयोग की पीठ ने मई के मध्य में नई दिल्ली में रक्षा मंत्रालय (MoD) और रेल मंत्रालय (MoR) से जुड़े विभिन्न संगठनों, यूनियनों और एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद सत्र आयोजित किए. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं, वेतन विसंगतियों और नई वेतन संरचना से जुड़ी अपेक्षाओं को समझना था. कर्मचारी संगठनों की ओर से शिव गोपाल मिश्रा के नेतृत्व वाली ड्राफ्टिंग कमेटी ने अपनी मांगों का खाका आयोग के सामने रखा है. यह भी पढ़े: 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग से पहले उठी बड़ी मांग, मूल वेतन के 50% के बराबर गारंटीड पेंशन और DA का प्रस्ताव
देशव्यापी दौरों और सुझावों का शेड्यूल
आयोग ने केवल दिल्ली तक सीमित न रहकर देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर हितधारकों (Stakeholders) से मिलने की योजना बनाई है. घोषित कार्यक्रम के अनुसार, आयोग की टीम 18 और 19 मई को हैदराबाद (तेलंगाना) का दौरा करेगी. इसके बाद, जून के पहले सप्ताह (1 से 4 जून) में श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) और 8 जून को लेह (लद्दाख) का दौरा निर्धारित किया गया है. इन दौरों का उद्देश्य क्षेत्रीय स्तर पर केंद्रीय कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों की राय जानना है.
फिटमेंट फैक्टर और सैलरी हाइक पर मंथन
कर्मचारी संघों की ओर से न्यूनतम वेतन में बड़ी बढ़ोतरी की मांग की जा रही है. वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारी संगठन 2.86 से लेकर 3.25 तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं, जिससे न्यूनतम मूल वेतन (Basic Pay) 18,000 रुपये से बढ़कर काफी अधिक हो सकता है. हालांकि, वित्तीय जानकारों और बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि सरकार 2.28 से 2.57 के बीच का फिटमेंट फैक्टर तय कर सकती है, जिससे कर्मचारियों के सकल वेतन में लगभग 25% से 30% तक की वृद्धि देखने को मिल सकती है.
कब से लागू होंगी सिफारिशें और क्या होगा एरियर?
आठवें वेतन आयोग के गठन को सरकार ने नवंबर 2025 में अधिसूचित किया था और इसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं. आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है.
भले ही रिपोर्ट आने और कैबिनेट की मंजूरी में साल 2027 तक का समय लग सकता है, लेकिन इसकी संदर्भ तिथि (Effective Date) 1 जनवरी 2026 ही रहने की उम्मीद है. इसका सीधा मतलब यह है कि जब भी यह नया वेतनमान लागू होगा, कर्मचारियों और पेंशनर्स को जनवरी 2026 से लेकर क्रियान्वयन की तारीख तक का पूरा बकाया (Arrears) दिया जाएगा. तब तक कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के तहत ही वेतन और महंगाई भत्ता (DA) मिलता रहेगा.
(The above story first appeared on LatestLY on May 16, 2026 03:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

