सात दिनों के अंदर इस्तीफा दें धर्मेंद्र प्रधान, ये प्रदर्शन सिर्फ ट्रेलर था: सीजेपी
कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन शांतिपूर्वक खत्म हो गया है.
कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन शांतिपूर्वक खत्म हो गया है. इस प्रदर्शन में संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके की उम्मीद से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया.- दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी को जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दी
- सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके दिल्ली पहुंचे
- छात्रों से एक किताब लेकर जंतर मंतर पहुंचने की अपील
खत्म हुआ कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन
नई दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन खत्म हो गया है. हालांकि, संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि अगर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जल्द से जल्द इस्तीफा नहीं देते हैं तो ये प्रदर्शन पूरे देशभर में शुरू किए जाएंगे. लेकिन यह भी कहा कि इस प्रदर्शन को प्रेम और शांति के साथ आगे बढ़ाना है.
प्रदर्शन के दौरान दीपके ने ये भी कहा कि ये प्रदर्शन हर उस छात्र की आवाज है जो इस वक्त सरकार से नाराज है. साथ ही उन्होंने मौजूदा सरकार पर धर्म की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह की राजनीति से युवाओं को नौकरियां नहीं मिली हैं. उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतने लोग प्रदर्शन में आएंगे. प्रदर्शन में हिस्सा लेने आए ज्यादातर युवाओं ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक से परेशान होकर ही वे इस प्रदर्शन में आए.
प्रदर्शन खत्म होने के बाद संगठन के सदस्यों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि इस प्रदर्शन में सिर्फ दिल्ली नहीं बल्कि केरल, तमिलनाडु जैसे राज्यों से भी लोग आए. साथ ही कहा कि इस प्रदर्शन ने भारतीय राजनीति की तस्वीर बदल दी है क्योंकि इन युवाओं को बहुत बुरा भला कहा गया था “लेकिन इस प्रदर्शन में इतनी बड़ी संख्या में आकर इन युवाओं ने साबित कर दिया कि ये युवा गांधी के देश के हैं.“ साथ ही कहा कि ये प्रदर्शन सिर्फ ट्रेलर था, और सीजेपी केंद्र सरकार को सात दिनों की मोहलत दे रही है कि या तो धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें या फिर पीएम मोदी उन्हें बर्खास्त करें.
कॉकरोच जनता पार्टी को समर्थन देने जंतर-मंतर पहुंचे सोनम वांगचुक
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने सोनम वांगचुक भी हाथों में गुलाब का फूल लेकर लद्दाख से पहुंचे. प्रदर्शन से पहले भी वांगचुक ने सोशल मीडिया पर खुलकर सीजेपी की मांगों का समर्थन किया है. उनके मुताबिक सीजेपी एक रचनात्मक तरीका है, नई पीढ़ी के युवाओं का अपना गुस्सा, मौजूदा व्यवस्था के खिलाफ जाहिर करने का. साथ ही उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार को इन युवाओं की मांगों को सुनना चाहिए. उन्होंने प्रदर्शन से पहले यह भी कहा था कि अगर सीजेपी के किसी भी सदस्य को गिरफ्तार किया गया तो वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर चले जाएंगे.
किताब, भारत के झंडे और सनस्क्रीन लगाकर प्रदर्शन में आ रहे युवा
कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रदर्शन में आने वाले लोगों के लिए एक अनोखी सूची भी जारी की है. सीजेपी ने लोगों से अपील की है कि वे अपने साथ एक किताब और भारत का झंडा लेकर आएं. साथ ही दिल्ली की गर्मी को देखते हुए लोगों से सनस्क्रीन लगाकर, पानी की बोतल लेकर और टोपी पहनकर आने की भी दरख्वास्त की गई. इसके अलावा कहा गया है कि युवा अकेले नहीं बल्कि अपने परिवार को साथ लेकर आएं, पुलिसवालों से प्यार से व्यवहार करें और वहां मौजूद ट्रोल्स से उचित दूरी बनाए रखें. परीक्षाओं में गड़बड़ी से नाराज युवा प्रदर्शन के लिए बड़ी संख्या में जंतर मंतर पहुंचे हैं. डीडीब्ल्यू से बातचीत के दौरान अधिकतर युवाओं ने कहा कि देश की परीक्षा व्यवस्था से उनका भरोसा उठ गया है, इसलिए वे सीजेपी के इस प्रदर्शन में अपना समर्थन जताने आए हैं.
जंतर मंतर पहुंचे जय श्री राम के नारे लगाते कुछ लोग
दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का धरना जारी है. वहां सैकड़ों युवा पहुंचे हैं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. इस बीच कुछ लोग जय श्री राम के नारे लगाते वहां पहुंच गए और धरना स्थल की ओर जाने की कोशिश करने लगे. वे लोग कॉरोच जनता पार्टी और उसके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे. लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया.
जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का धरना शुरू
दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके को शनिवार को जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दे दी. अभिजीत दीपके अमेरिका से भारत पहुंचने के बाद इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के टर्मिनल 3 पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिले. इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद वह सीधे प्रदर्शन स्थल के लिए रवाना हो गए.
सीजेपी ने अपने समर्थकों और प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे सीधे जंतर मंतर पहुंचें. अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों से अपने साथ एक किताब और तिरंगा लाने की भी अपील की है. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है.
दिल्ली में कड़ी सुरक्षा
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित कई वीआईपी नेताओं के आवासों के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. प्रदर्शनकारियों के निशाने पर खास तौर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान हैं. इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को उस जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर एहतियाती, नियामक और भीड़ नियंत्रण संबंधी उपाय लागू करने की मांग की गई थी.
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन आंदोलन के रूप में हुई थी. यह आंदोलन उस समय चर्चा में आया जब मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने एक सुनवाई के दौरान बेरोजगार युवाओं के एक वर्ग की तुलना "फर्जी कानून डिग्री वाले कॉकरोच" से की थी. इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा हुई और बाद में इसी से प्रेरित होकर इस व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन का गठन हुआ.
बड़ा हुआ आंदोलन
इस आंदोलन को कई सार्वजनिक हस्तियों का समर्थन भी मिला है. सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और अभिनेता प्रकाश राज जैसे नामों ने भी आंदोलन के प्रति समर्थन जताया है. सीजेपी के प्रमुख सदस्यों में शामिल सौरव दास ने जंतर मंतर पर पत्रकारों से बातचीत में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अयोग्य बताते हुए कहा कि उन्हें या तो इस्तीफा देना चाहिए या फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन्हें मंत्रिमंडल से हटा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि जवाबदेही और सहयोग की नई राजनीतिक संस्कृति की जरूरत है. सौरव दास ने यह भी कहा कि यह युवाओं के नेतृत्व वाला राजनीतिक आंदोलन है और प्रदर्शनकारी पुलिस के साथ पूरा सहयोग करेंगे.
पार्टी के एक अन्य प्रमुख सदस्य विजेता दहिया ने भी शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामलों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय से एक मंत्री का कृषि मंत्रालय में तबादला कर देना सजा नहीं माना जा सकता. उन्होंने द इंडियन एक्सप्रेस की एक जांच रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले दो दशकों में 45 बड़े परीक्षा पेपर लीक मामलों में से केवल दो मामलों में सजा हुई है. विजेता दहिया ने सवाल उठाया कि केवल तबादला कर देना किस तरह से जवाबदेही तय करना माना जा सकता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 06, 2026 07:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

