8th Pay Commission Update: केंद्र सरकार के करीब 1.15 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी एक अहम खबर है. आयोग ने कर्मचारी यूनियनों, स्टाफ एसोसिएशनों और पेंशनभोगी समूहों के लिए अपने सुझाव (मेमोरेंडम) सौंपने की समयसीमा को एक बार फिर बढ़ा दिया है. नई अधिसूचना के अनुसार, अब सुझाव जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 तय की गई है. दो महीने से भी कम समय में यह दूसरी बार है जब इस समयसीमा को आगे बढ़ाया गया है. इससे पहले आखिरी तारीख 30 अप्रैल से बढ़ाकर 31 मई की गई थी.
आयोग ने साफ किया है कि 15 जून अंतिम तारीख होगी और इसके बाद कोई और विस्तार नहीं दिया जाएगा. साथ ही, सभी सुझाव केवल आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे. हार्ड कॉपी, ईमेल या पीडीएफ के जरिए भेजे गए आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा. यह भी पढ़े: 8th Pay Commission 2026: लेवल-3 के कर्मचारियों को कितना मिलेगा बकाया (Arrears)? जानें अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर पर सैलरी का पूरा गणित
देश भर के संगठनों से फीडबैक ले रहा है आयोग
इस समयसीमा के बढ़ने से यह स्पष्ट है कि वेतन आयोग अभी भी देश भर के विभिन्न कर्मचारी संगठनों, पेंशनभोगी संघों और सरकारी विभागों से सक्रिय रूप से फीडबैक ले रहा है. सलाह-मशविरे की यह प्रक्रिया 5 मार्च 2026 को शुरू हुई थी. अब यह प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर रही है, जहां पैनल उन सिफारिशों को अंतिम रूप देने पर काम करेगा जो अगले दशक के लिए केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन ढांचे को तय करेंगी.
2027 के मध्य में रिपोर्ट आने की उम्मीद
केंद्र सरकार ने नवंबर 2025 में 8वें वेतन आयोग का गठन किया था और इसे अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया था. इस तय कार्यक्रम के मुताबिक, आयोग द्वारा अपनी सिफारिशें 2027 के मध्य तक सौंपे जाने की उम्मीद है. हालांकि सरकार ने अभी तक इसे लागू करने की किसी निश्चित तारीख की घोषणा नहीं की है, लेकिन कर्मचारी प्रतिनिधियों का मानना है कि नया वेतन ढांचा अप्रैल 2027 के आसपास लागू किया जा सकता है, जो नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत होगी.
1 जनवरी 2026 से बनेगा एरियर
इस वेतन आयोग का एक सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होने की उम्मीद है. इसके परिणामस्वरूप, पात्र कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए वेतन एरियर (बकाया राशि) की गणना इसी तारीख से शुरू हो चुकी है. यदि इसे लागू करने में अप्रैल 2027 या उससे अधिक की देरी होती है, तो कर्मचारियों का एरियर काफी बढ़ जाएगा और सरकार पर भी वित्तीय बोझ बढ़ेगा. चूंकि कर्मचारियों को जनवरी 2026 से संशोधित पे-स्केल के आधार पर अंतर का भुगतान किया जाएगा, इसलिए यह राशि काफी बड़ी होने की उम्मीद है.
अलाउंस और एचआरए को लेकर चिंताएं
जहां एक तरफ मूल वेतन (बेसिक पे) का एरियर पूर्वव्यापी प्रभाव (retrospective effect) से दिया जाता है, वहीं विशेषज्ञों ने हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को लेकर कुछ चिंताएं जताई हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि एचआरए में संशोधन का लाभ हमेशा पिछले महीनों के लिए नहीं मिलता है. अगर इस बार भी ऐसा ही होता है, तो कर्मचारियों को बढ़े हुए एचआरए के लाभ से हाथ धोना पड़ सकता है, जो उन्हें वेतन ढांचा समय पर लागू होने की स्थिति में मिलता.
1.15 करोड़ लोगों पर सीधा असर
8वां वेतन आयोग रक्षा कर्मियों और सेवानिवृत्त रक्षा कर्मचारियों सहित लगभग 50 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और करीब 65 लाख पेंशनभोगियों के वेतन, पेंशन, भत्तों और फिटमेंट फैक्टर की समीक्षा कर रहा है. इस बार मुख्य ध्यान अंतिम फिटमेंट फैक्टर, वेतन में संभावित प्रतिशत वृद्धि, पेंशन संशोधन और सेवानिवृत्ति लाभों में सुधारों पर है. तुलना के लिए, 7वें वेतन आयोग ने 2.57 का फिटमेंट फैक्टर अनुशंसित किया था, जबकि छठे वेतन आयोग में यह 1.86 था.
फिलहाल, 15 जून तक चलने वाली इस परामर्श प्रक्रिया के कारण केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अपने वित्तीय भविष्य को प्रभावित करने वाले इस फैसले के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा.













QuickLY