Fatehpur Cylinder Blast: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है. जिले के कल्यानपुर थाना क्षेत्र के पिलखिनी गांव में रविवार रात एक दो कमरों के मकान में रसोई गैस सिलेंडर से रिसाव होने के कारण जोरदार धमाका हो गया. इस हादसे में नौ लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनकी हालत नाजुक बनी हुई है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, छह लोग घर के भीतर मौजूद होने के कारण सीधे आग की चपेट में आए, जबकि तीन अन्य लोग चीख-पुकार सुनकर उन्हें बचाने की कोशिश में झुलस गए.
कानपुर रेफर करने के लिए बनाया गया ग्रीन कॉरिडोर
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एम्बुलेंस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं. सभी घायलों को पहले आपातकालीन इलाज के लिए मालवां मेडिकल कॉलेज ले जाया गया. डॉक्टरों ने घायलों की हालत को अत्यंत नाजुक बताते हुए उनमें से आठ लोगों को बेहतर इलाज के लिए कानपुर रेफर कर दिया. गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को बिना किसी ट्रैफिक बाधा के तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने फतेहपुर से कानपुर तक एक 'ग्रीन कॉरिडोर' तैयार किया, ताकि घायलों का इलाज समय पर शुरू हो सके. यह भी पढ़े: Nitrogen Cylinder Blast: दादरा नगर हवेली में बड़ा हादसा, इंडस्ट्रियल एरिया में नाइट्रोजन गैस सिलेंडर फटने से 4 की मौत, कई घायल; VIDEO
खाना बनाते समय हुआ हादसा
यह दर्दनाक हादसा रविवार रात करीब 9 बजे उस समय हुआ, जब संतोष लोधी की पत्नी कलावती घर के भीतर रात का खाना बना रही थीं. इसी दौरान अचानक गैस पाइप से रिसाव होने लगा. जब तक परिवार के सदस्य कुछ समझ पाते या रिसाव पर काबू पाते, कमरे में फैली गैस ने आग पकड़ ली और एक बड़ा धमाका हो गया. कलावती सबसे पहले इस आग की चपेट में आईं. घर के अंदर से आ रही चीख-पुकार सुनकर परिजन और आसपास के पड़ोसी बचाने के लिए दौड़े, जिसके दौरान वे भी गंभीर रूप से झुलस गए.
सिलेंडर नहीं फटा, गैस रिसाव से हुआ ब्लास्ट: एसपी
फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) अभिमन्यु मांगलिक ने घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद बताया कि शुरुआती जांच से स्पष्ट हुआ है कि यह हादसा सिलेंडर से गैस रिसाव के कारण हुआ है. सिलेंडर खुद नहीं फटा था, बल्कि कमरे में जमा हुई गैस ने आग पकड़ी थी. एसपी ने बताया कि जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. कानपुर के अस्पताल में घायलों को बेहतर इलाज मिल सके, इसके लिए वहां एक इंस्पेक्टर और एक सब-इस्पेक्टर की ड्यूटी लगाई गई है.
ग्रामीण और पुलिस की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन
कल्यानपुर थाना प्रभारी सुमित देव पांडे ने बताया कि ग्रामीणों की मदद से मलबे और आग के बीच से घायलों को बाहर निकाला गया. हादसे में घायल होने वालों की पहचान साजन, सुलेखा, संजय (दामाद), सुनीता (बेटी), रीता (पोती), सोनी और पड़ोसी करन के रूप में हुई है. सभी गंभीर मरीजों को कानपुर के हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है. पुलिस प्रशासन हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए मामले की गहन जांच कर रहा है.













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