Odisha Horror: ओडिशा के क्योंझर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहाँ के पटना ब्लॉक में एक आदिवासी व्यक्ति अपनी मृत बहन के खाते से 20,000 रुपये निकालने के लिए उसका कंकाल लेकर बैंक पहुंच गया. यह घटना सोमवार, 27 अप्रैल को ओडिशा ग्राम्य बैंक की एक शाखा में हुई. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग प्रक्रियाओं और जागरूकता की कमी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, जीतू मुंडा नाम का व्यक्ति अपनी बहन कालरा मुंडा के खाते में जमा राशि निकालने की कोशिश कर रहा था. कालरा की दो महीने पहले बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी. चूंकि खाते में कोई नामांकित व्यक्ति (Nominee) जीवित नहीं था, इसलिए जीतू को पैसे निकालने में तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. बैंक अधिकारियों ने जीतू से मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य कानूनी दस्तावेज मांगे थे, जिन्हें वह पेश नहीं कर पाया. यह भी पढ़े: Bengaluru Shocking News: बेंगलुरु में अजीबो-गरीब मामला, बुजुर्ग को बोरे में भरकर कूरियर करने पहुंचा परिवार, वजह जानकर रह जायेंगे हैरान; VIDEO
ओडिशा में अजीबो-गरीब मामला
Odisha: Tribal Youth Carries Deceased Unmarried Sister's Skeleton in Sack to Bank Over ₹20,000 Refusal
In a shocking incident from Malliposi village in Odisha’s Keonjhar district, a tribal youth named Jitu Munda carried his deceased unmarried sister’s skeleton in a sack to an… pic.twitter.com/FtnYYad60o
— Atulkrishan (@iAtulKrishan1) April 28, 2026
हताशा में उठाया खौफनाक कदम
जीतू मुंडा ने पत्रकारों को बताया कि वह कई बार बैंक के चक्कर लगा चुका था. उसका आरोप है कि बैंक कर्मचारियों ने उससे कहा था कि पैसे निकालने के लिए खाताधारक को साथ लाना होगा. जीतू ने दावा किया, "मैंने उन्हें बार-बार बताया कि मेरी बहन मर चुकी है, लेकिन उन्होंने मेरी बात नहीं सुनी और उसे बैंक लाने पर अड़े रहे. हताशा में मैंने उसकी कब्र खोदी और मौत के सबूत के तौर पर उसका कंकाल बैंक ले आया."
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही पटना थाना प्रभारी किरण प्रसाद साहू पुलिस बल के साथ बैंक पहुंचे. उन्होंने स्थिति को संभाला और बताया कि यह मामला पूरी तरह से जागरूकता की कमी का है. साहू ने कहा, "जीतू एक अनपढ़ आदिवासी व्यक्ति है. उसे कानूनी उत्तराधिकारी या नॉमिनी जैसी प्रक्रियाओं की समझ नहीं है. बैंक अधिकारी भी उसे सही प्रक्रिया समझाने में विफल रहे."
पटना के ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) मानस दंडपत ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी देरी से मिली. उन्होंने आश्वासन दिया है कि जीतू की समस्या का समाधान निकाला जाएगा.
कानूनी प्रक्रिया और अंतिम संस्कार
पुलिस के हस्तक्षेप के बाद, बैंक अधिकारियों ने जीतू को आश्वासन दिया कि कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर उसे पैसे दिलाए जाएंगे. इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में उसकी बहन के अवशेषों को दोबारा दफनाया गया. बैंक सूत्रों के अनुसार, खाते में दर्ज नॉमिनी की भी मृत्यु हो चुकी है, जिससे जीतू अब एकमात्र दावेदार बचा है. यह घटना सरकारी सिस्टम में व्याप्त संवेदनहीनता और ग्रामीण इलाकों में साक्षरता के अभाव को उजागर करती है.












QuickLY