Gujarat Election Result 2026 Live Updates: गुजरात में स्थानीय शासन की दिशा तय करने वाले निकाय चुनावों के लिए आज सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हो गई है. राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, कुल 9,952 सीटों पर हुए इस चुनावी घमासान के परिणाम आज शाम तक स्पष्ट हो जाएंगे. इस बार मुकाबला मुख्य रूप से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच है. शुरुआती रुझानों में शहरी क्षेत्रों में बीजेपी आगे चल रही है, जबकि ग्रामीण इलाकों में कांग्रेस और 'आप' कड़ी टक्कर दे रहे हैं. इन प्रमुख सीटों पर वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू हुई हैं.
कुल सीटों का गणित और चुनावी मैदान
इस चुनाव में कुल 9,952 सीटों के लिए मतदान हुआ था. इसमें 15 नगर निगम, 84 नगर पालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतें शामिल हैं. दिलचस्प बात यह है कि मतगणना शुरू होने से पहले ही बीजेपी ने 722 सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल कर ली है, क्योंकि वहां विपक्ष के उम्मीदवारों ने नामांकन वापस ले लिया था. अब शेष 9,200 से अधिक सीटों पर मतों की गिनती जारी है. यह भी पढ़े: Maharashtra Panchayat Samiti, ZP Election Result 2026: महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव में महायुति की बढ़त, बारामती से पल्लवी खेत्रे को मिली जीत
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सुरक्षा के कड़े इंतजाम
चुनाव आयोग और गुजरात पुलिस ने मतगणना को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं. राज्य भर में 1 लाख से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है. मतगणना केंद्रों पर 'थ्री-लेयर' सुरक्षा घेरा बनाया गया है और सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है. किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए संवेदनशील इलाकों में विशेष दस्तों की तैनाती की गई है.
कब हुए थे चुनाव?
इन स्थानीय निकायों के लिए मतदान दो चरणों में 26 और 27 अप्रैल, 2026 को आयोजित किया गया था. चिलचिलाती धूप और लू (Heatwave) के बावजूद मतदाताओं में भारी उत्साह देखा गया. जिला पंचायतों में लगभग 65.40% और तालुका पंचायतों में 65.91% मतदान दर्ज किया गया, जबकि नगर निगमों में वोटिंग प्रतिशत थोड़ा कम रहा.
क्या यह 'सेमी-विधानसभा' चुनाव है?
राजनीतिक विश्लेषक इन चुनावों को 2027 के गुजरात विधानसभा चुनाव का 'सेमीफाइनल' मान रहे हैं. इसके पीछे मुख्य कारण इस बार का त्रिकोणीय मुकाबला है. जहां बीजेपी अपनी अभेद्य दुर्ग को बचाने की कोशिश में है, वहीं 'आप' ने शहरी क्षेत्रों में अपनी पैठ बढ़ाकर मुकाबले को रोचक बना दिया है. ओबीसी (OBC) आरक्षण को 10% से बढ़ाकर 27% करने के बाद यह पहला बड़ा चुनाव है, जिससे इसके परिणाम राज्य की भविष्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे.
आगे की राह
दोपहर तक रुझानों से स्पष्ट हो जाएगा कि जनता ने स्थानीय विकास और मुद्दों पर किस पार्टी को प्राथमिकता दी है. शाम तक आधिकारिक तौर पर सभी विजेताओं के नाम घोषित कर दिए जाएंगे. सभी की नजरें अहमदाबाद, सूरत और राजकोट जैसे बड़े नगर निगमों पर टिकी हैं, जहां सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी, यह देखना दिलचस्प होगा.













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