राज्यसभा के 12 सदस्यों के निलंबन के विरोध में दोनों सदनों में विपक्षी सदस्यों का वाकआउट
राज्यसभा में विपक्षी दलों के 12 सदस्यों को मौजूदा संसद सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किये जाने के विरोध में मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा में कांग्रेस समेत अन्य कई विपक्षी दलों के सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया, वहीं उच्च सदन में सभापति के माफी मांगने के लिए कहने के बाद सदस्यों ने पूरे दिन की कार्यवाही का बहिष्कार किया.
नयी दिल्ली, 30 नवंबर : राज्यसभा में विपक्षी दलों के 12 सदस्यों को मौजूदा संसद सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किये जाने के विरोध में मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा में कांग्रेस समेत अन्य कई विपक्षी दलों के सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया, वहीं उच्च सदन में सभापति के माफी मांगने के लिए कहने के बाद सदस्यों ने पूरे दिन की कार्यवाही का बहिष्कार किया. वाकआउट के बाद विपक्षी सांसदों ने संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारे लगाए. कांग्रेस समेत 16 राजनीतिक दलों के नेताओं ने राज्यसभा के 12 विपक्षी सदस्यों के निलंबन के मुद्दे पर मंगलवार को सभापति एम वेंकैया नायडू से मुलाकात की और इन सदस्यों का निलंबन रद्द करने का आग्रह किया. सूत्रों के अनुसार राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में पहुंचे नेताओं से नायडू ने कहा कि सदन में सुगम तरीके से कामकाज चले बिना और सदस्यों के आचरण के लिए उनके माफी मांगे बिना यह संभव नहीं है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘किस बात की माफ़ी? संसद में जनता की बात उठाने की? बिलकुल नहीं!’’ सदस्यों का निलंबन समाप्त किये जाने की मांग पूरी नहीं होने पर विपक्षी सदस्यों ने उच्च सदन की पूरे दिन की कार्यवाही का बहिष्कार करने का फैसला किया. हालांकि लोकसभा में कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष ने चर्चा में भाग लेने का फैसला किया है. जिन सदस्यों को निलंबित किया गया है उनमें मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के इलामारम करीम, कांग्रेस से फूलों देवी नेताम, छाया वर्मा, रिपुन बोरा, राजमणि पटेल, सैयद नासिर हुसैन और अखिलेश प्रताप सिंह, तृणमूल कांग्रेस की डोला सेन और शांता छेत्री, शिव सेना की प्रियंका चतुर्वेदी और अनिल देसाई तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के विनय विस्वम शामिल हैं. लोकसभा में जहां तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने ना तो नारेबाजी में भाग लिया और ना ही सदन से वाकआउट किया, वहीं राज्यसभा में पार्टी के सदस्यों ने अन्य विपक्षी सदस्यों के बहिर्गमन के कुछ देर बार वाकआउट किया. तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि संसद के मॉनसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों के सदस्यों को महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने की अनुमति नहीं दी गई और वे हंगामा करने के लिए बाध्य हुए. ओ ब्रायन ने कहा कि यह देखते हुए सत्ता पक्ष के 80 सदस्यों को निलंबित किया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने कुछ मुद्दों पर चर्चा बाधित की.
उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि पार्टी बुधवार से अपना प्रदर्शन करेगी. ओ ब्रायन ने लिखा, ‘‘राज्यसभा से निलंबित 12 विपक्षी सांसद कल एक दिसंबर से सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक महात्मा गांधी प्रतिमा के सामने धरना देंगे.’’ लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘विपक्ष की आवाज दबाने के लिए राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों के साथ जो किया गया है, उसके विरोध में कांग्रेस एवं कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने लोकसभा से वाकआउट किया.’’ उन्होंने कहा, ‘‘राज्यसभा में जो हुआ है उसका विरोध करते हुए हमने सोनिया गांधी जी की अगुवाई में सदन से वाकआउट किया. यह मामला राज्यसभा का है, लेकिन दूसरे सदन के सदस्यों के साथ जो हुआ है, उसके विरोध में हमने यह कदम उठाया है.’’ यह भी पढ़ें : देश की खबरें | उत्तराखंड सरकार ने चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड भंग किया, पुरोहितों ने किया स्वागत
राज्यसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक जयराम रमेश ने कहा कि वे उच्च सदन की पूरे दिन की कार्यवाही का बहिष्कार करेंगे.
शून्यकाल में सदस्यों के निलंबन का मामला उठाते हुए विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि 12 सदस्यों के निलंबन की प्रक्रिया में नियमों और परंपराओं का उल्लंघन किया गया है. इससे पहले, संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राज्यसभा में कहा कि निलंबित किए गए राज्यसभा के 12 विपक्षी सदस्यों को ‘दुर्व्यवहार’ के लिए उच्च सदन के भीतर माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि अगर ये सदस्य सभापति और सदन से माफी मांग लेते हैं तो फिर सरकार उनके प्रस्ताव (निलंबन रद्द करने के) पर सकारात्मक रूप से विचार करने के लिए तैयार है. संसद के सोमवार को आरंभ हुए शीतकालीन सत्र के पहले दिन कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के 12 सदस्यों को पिछले मॉनसून सत्र के दौरान ‘‘अशोभनीय आचरण’’ करने की वजह से, वर्तमान सत्र की शेष अवधि तक के लिए राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 30, 2021 03:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

