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जरुरी जानकारी | अनाज, दाल के दाम बढ़ने से जून में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 4.81 प्रतिशत पर, तीन माह का उच्चस्तर

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जरुरी जानकारी | अनाज, दाल के दाम बढ़ने से जून में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 4.81 प्रतिशत पर, तीन माह का उच्चस्तर

नयी दिल्ली, 12 जुलाई अनाज एवं दालों की कीमतें बढ़ने से जून में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर तीन महीनों के उच्चस्तर 4.81 प्रतिशत पर पहुंच गई। हालांकि, अब भी यह रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर के भीतर ही है।

राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (एनएसओ) ने बुधवार को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी किए। मई में खुदरा मुद्रास्फीति 4.31 प्रतिशत रही थी जबकि साल भर पहले जून, 2022 में यह सात प्रतिशत थी।

फरवरी से लगातार चार माह तक गिरावट रहने के बाद जून में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़ी है। इसके पीछे खाद्य उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी की अहम भूमिका रही है।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जून में खाद्य उत्पादों की मुद्रास्फीति 4.49 प्रतिशत रही जबकि मई में यह 2.96 प्रतिशत थी। सीपीआई में खाद्य उत्पादों का भारांक लगभग आधा होता है।

जून में मसालों के दाम 19.19 प्रतिशत, अनाज के दाम 12.71 प्रतिशत, दालों के दाम 10.53 प्रतिशत और अंडों के दाम सालाना आधार पर सात प्रतिशत बढ़ गए। इसके अलावा फलों की भी कीमतों में आंशिक बढ़ोतरी दर्ज की गई।

हालांकि, इस महीने तेल एवं वसा की कीमतों में 18.12 प्रतिशत और सब्जियों के दाम में 0.93 प्रतिशत की गिरावट भी रही।

ग्रामीण क्षेत्रों में मुद्रास्फीति 4.72 प्रतिशत रही जबकि शहरी इलाकों में यह 4.96 प्रतिशत पर रही। ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य मुद्रास्फीति राष्ट्रीय औसत से अधिक रही।

जून में खुदरा मुद्रास्फीति की दर बढ़ने के बावजूद यह भारतीय रिजर्व बैंक के छह प्रतिशत के संतोषजनक स्तर के नीचे है। सरकार ने रिजर्व बैंक को खुदरा मुद्रास्फीति को दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ चार प्रतिशत तक सीमित रखने का दायित्व सौंपा हुआ है।

रिजर्व बैंक खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़े को ध्यान में रखते हुए द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा करता है।

रिजर्व बैंक ने पिछले महीने की मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दर रेपो को 6.5 प्रतिशत पर कायम रखा था। इसके साथ ही उसने अप्रैल-जून तिमाही में खुदरा मुद्रास्फीति के 4.6 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जताया था।

खुदरा मुद्रास्फीति के इन आंकड़ों पर रेटिंग एजेंसी इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि सब्जियों के दाम बेतहाशा बढ़ने से जुलाई में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 5.3-5.5 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। इससे दूसरी तिमाही में खुदरा मुद्रास्फीति 5.2 प्रतिशत के पिछले अनुमान से अधिक रह सकती है।

नायर ने कहा कि खुदरा मुद्रास्फीति के मौजूदा रुझान को देखते हुए रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति अगस्त की समीक्षा बैठक में रेपो दर को स्थिर रखने का रुख अपना सकती है।

जिंस कारोबारी संगठन सीपीएआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरिंदर वाधवा ने कहा कि मुद्रास्फीति में वृद्धि से उपभोक्ता कीमतों को तय करने वाले कारकों में संभावित बदलाव की जरूरत है।

प्रेम

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 12, 2023 08:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).