Weather Update: दिल्ली में लू के थपेड़ों से लोग बेहाल, मानसून अभी भी एक सप्ताह दूर
दिल्लीवासियों को बुधवार को लू के जबरदस्त थपेड़ों का सामना करना पड़ा और तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जो इस साल अब तक का सबसे अधिक तापमान है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने यह जानकारी देते हुए कहा कि यहां मानसून आने में कम से कम एक सप्ताह और लगेगा.
नई दिल्ली: दिल्लीवासियों को बुधवार को लू के जबरदस्त थपेड़ों का सामना करना पड़ा और तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जो इस साल अब तक का सबसे अधिक तापमान है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने यह जानकारी देते हुए कहा कि यहां मानसून (Monsoon) आने में कम से कम एक सप्ताह और लगेगा. विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली (Delhi) में सफदरजंग वेधशाला में अधिकतम तापमान सामान्य से सात डिग्री अधिक दर्ज किया गया. सात जुलाई तक मानसून के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने का अनुमान जताया गया है.
राजधानी के अधिकांश निगरानी स्टेशनों में भीषण लू दर्ज की गई और अधिकतम तापमान औसत तापमान से कम से कम सात डिग्री सेल्सियस अधिक रहे। अधिकारियों ने बताया कि लोधी रोड (43.7 डिग्री सेल्सियस), आयानगर (44.2), रिज (44), मुंगेशपुर (44.3), नजफगढ़ (44.4), पीतमपुरा (44.3) और नरेला में (43.7) तापमान के साथ लू की स्थिति बनी रही. उन्होंने बताया कि पूसा के निगरानी केंद्र में अधिकतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री अधिक 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
मैदानी इलाकों के लिए, ‘‘लू’’ की स्थिति तब घोषित की जाती है जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो और सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री अधिक हो. आईएमडी के अनुसार यदि सामान्य तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक है, तो ‘‘गंभीर’’ लू की स्थिति घोषित की जाती है.
दिल्ली में सोमवार को इस गर्मी की पहली लू चली थी और तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. बृहस्पतिवार को भी लू चलने का अनुमान जताया गया है. शुक्रवार को हल्की बारिश और धूल भरी आंधी के कारण पारा 40 डिग्री के नीचे आने का अनुमान है. यह भी पढ़ें: Delhi Rains: दिल्ली में मौसम ने ली करवट, तेज आंधी के साथ हो रही बारिश
आईएमडी के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘आमतौर पर, राजधानी में 20 जून तक लू चलती रहती है. इस बार अधिकतम तापमान में वृद्धि के लिए मानसून के आगमन में देरी को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है.’’ उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में कोई बारिश नहीं हुई है और उत्तर पश्चिम भारत के एक बड़े हिस्से में गर्म पछुआ हवाएं चल रही हैं. केरल में दो दिन की देरी से पहुंचने के बाद, मानसून सामान्य से सात से 10 दिन पहले पूर्वी, मध्य और आसपास के उत्तर-पश्चिम भारत को कवर करते हुए पूरे देश में आ गया था.
मौसम विभाग ने पहले अनुमान जताया था कि मानसून 12 दिन पहले यानी 15 जून तक दिल्ली पहुंच सकता है. हालांकि, पछुआ हवाएं दिल्ली, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में इसको आगे बढ़ने को रोक रही हैं. आमतौर पर मानसून 27 जून तक दिल्ली पहुंच जाता है और आठ जुलाई तक पूरे देश में आ जाता है. पिछले साल मानसून 25 जून को दिल्ली पहुंच गया था और 29 जून तक पूरे देश में आ गया था.
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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 30, 2021 09:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

