एसी की ठंडी हवा ने बढ़ाई दुनिया भर में बिजली की खपत
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

तापमान बढ़ने पर लोग गर्मी से बचने के लिए एसी-कूलर की मदद लेते हैं. पिछले साल भारत में 1.4 करोड़ एसी यूनिट बिके, जिससे बिजली का इस्तेमाल भी बढ़ा. अगले दो सालों में, बिजली खपत में 6.3 फीसदी की वार्षिक बढ़ोतरी हो सकती है.अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के मुताबिक, पिछले साल वैश्विक स्तर पर ऊर्जा मांग में रिकॉर्ड 2.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. वहीं, साल 2013 से 2023 के दौरान ऊर्जा मांग में 1.3 फीसदी की औसत दर से बढ़ोतरी हुई थी.

2024 में बिके 1.4 करोड़ एसी यूनिट

पिछले साल, दुनियाभर में बिजली की खपत 4.3 फीसदी बढ़ गयी. यह पिछले दशक के वार्षिक औसत की तुलना में दोगुनी है. समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर तापमान में बढ़ोतरी होने की वजह से बिजली की खपत बढ़ी और एयर कंडीशनिंग यानी एसी की ठंडी हवा इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह रही. इसके अलावा, डेटा सेंटरों और आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस के विकास ने भी बिजली की खपत को बढ़ाया.

भयंकर गर्मी से ऐसे बचाएगी सफेद छत

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के मुताबिक, "पिछले साल भारत में 1.4 करोड़ एसी यूनिट बिके. यह आंकड़ा 2023 की तुलना में 27 फीसदी अधिक है. अनुमान है कि 2030 तक यह आंकड़ा लगातार बढ़ता रहेगा, जिससे बिजली की मांग भी बढ़ती रहेगी. साल 2025 से 2027 के दौरान, भारत में बिजली की मांग में 6.3 फीसदी की वार्षिक बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.”

भारत और चीन ने बढ़ाई कोयले की मांग

साल 2024 में वैश्विक स्तर पर कोयले की मांग में एक फीसदी की बढ़ोतरी हुई. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और चीन में चली गर्म हवाओं की वजह से बिजली की ज्यादा जरूरत पड़ी और इसने कोयले की वैश्विक खपत में हुई वार्षिक बढ़ोतरी में 90 फीसदी से अधिक योगदान दिया. यह दिखाता है कि किस तरह चरम मौसमी घटनाएं ऊर्जा मांग को प्रभावित करती हैं.

2024 में तेल की मांग में 0.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. ऐसा पहली बार हुआ जब कुल ऊर्जा मांग में तेल की हिस्सेदारी घटकर 30 फीसदी से कम हो गई. वहीं, पिछले साल इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री में 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. दुनियाभर में बिकने वाली हर पांचवीं गाड़ी इलेक्ट्रिक रही. इसकी वजह से सड़क परिवहन में तेल की मांग कम हुई.

इस साल कैसे रहेंगे हालात

भारत में इस साल मार्च के महीने से ही गर्मी का असर दिखने लगा है. मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक, राजस्थान के बाड़मेर, जोधपुर, जालौर और आसपास के जिलों में 25 मार्च को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया. वहीं, कई अन्य जिलों में लू की चेतावनी जारी की गयी. केंद्रीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने भी चेतावनी दी थी कि 2025 में गर्मियां जल्दी शुरू हो जाएंगी.

आईएमडी का अनुमान है कि इस साल मार्च से मई महीने तक देश के ज्यादातर हिस्सों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा. इसके अलावा, ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से अधिक दिनों तक लू चलने की भी संभावना है. वहीं, बढ़ती गर्मी की वजह से गेहूं जैसी रबी की फसलें भी प्रभावित हो सकती हैं.

रिपोर्ट: आदर्श शर्मा (डीपीए)