Damoh Fake Doctor News: मध्यप्रदेश के दमोह जिले से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है. यहां एक मिशनरी अस्पताल में इलाज के नाम पर सात लोगों की जान ले ली गई. आरोप है कि अस्पताल में एक फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट यानी दिल का डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहा था. इस गंभीर मामले में अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने जांच शुरू कर दी है. आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो के नेतृत्व में एक जांच टीम 7 से 9 अप्रैल तक दमोह में कैंप करेगी और पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश करेगी.
प्रियंक कानूनगो ने लोगों से अपील की है कि अगर कोई व्यक्ति या पीड़ित इस मामले से जुड़ी जानकारी देना चाहता है, तो वह NHRC की टीम से सीधे दमोह में मिल सकता है.
फर्जी डॉक्टर का इलाज बना मौत का कारण, विपक्ष ने सरकार को घेरा
फ़र्ज़ी डॉक्टर बनकर एक आदमी ने #दमोह में लोगों की हार्ट सर्जरी कर डाली, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई!
इस हत्यारे को @BJP4MP वालों ने भी खूब प्रमोट किया! क्योंकि, यह भी जहर उगलता और केवल झूठा प्रचार करता था!@DrMohanYadav51 जी,
इस आदमी को डाक्टर बन कर इलाज करने की इजाज़त किसने… pic.twitter.com/SwabtTAh5O
— MP Youth Congress (@IYCMadhya) April 6, 2025
कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर लगाया आरोप
कांग्रेस ने इस मामले में राज्य की बीजेपी सरकार का घेराव किया है. एमपी युवा कांग्रेस ने अपने एक्स हैंडल से कांग्रेस नेत्री सुप्रीया श्रीनेता का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वे आरोपी डॉक्टर का संबंध बीजेपी से होने का दावा कर रही हैं.
पार्टी ने लिखा, ''दमोह में एक शख्स ने फर्जी डॉक्टर बनकर लोगों का हार्ट ऑपरेशन किया, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई. इस हत्यारे को भाजपा आईटी सेल ने भी खूब प्रचारित किया. क्योंकि, इसने भी जहर उगला और सिर्फ झूठा प्रचार किया. सीएम मोहन यादव जी, इस शख्स को डॉक्टर बनकर लोगों का इलाज करने की इजाजत किसने दी? क्या आप भी भाजपा के गुनाह में शामिल हैं? क्या सीएम मोहन यादव भी मासूम लोगों की मौत के जिम्मेदार हैं?
कैसे हुआ मामले का खुलासा
दरअसल, दमोह के निवासी दीपक तिवारी ने NHRC में शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि जनवरी से फरवरी 2025 के बीच कई मरीजों की मौत गलत इलाज की वजह से हुई. शिकायत में यह भी बताया गया कि अस्पताल प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना के तहत पंजीकृत है और वहां सरकारी फंड का भी दुरुपयोग किया गया है.
इसके बाद जांच में सामने आया है कि आरोपी का असली नाम नरेंद्र विक्रमादित्य यादव है, जो ब्रिटेन के प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट 'डॉ एन जॉन कैम’ के नाम से काम कर रहा था.
जांच के आधार पर होगी कार्रवाई
इस पूरे मामले पर दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर ने कहा कि शिकायत मिल गई है और जांच जारी है. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.













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