अमेरिका के 145 फीसदी टैक्स के बाद भड़के शी जिनपिंग, बोले- एकतरफा दबाव की राजनीति नहीं चलेगी
शी जिनपिंग ने कहा, "चीन और यूरोप को मिलकर अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों को निभाना चाहिए और एकतरफा दबाव वाली राजनीति का संयुक्त रूप से विरोध करना चाहिए. इससे न सिर्फ हमारे अपने अधिकारों की रक्षा होगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय न्याय भी सुरक्षित रहेगा."
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर चीन के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए चीनी वस्तुओं पर 145% टैरिफ (शुल्क) लगा दिया है. यह अब तक का सबसे बड़ा टैक्स है जो अमेरिका ने चीन पर लगाया है. इसके बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें उन्होंने इस कदम को "एकतरफा दबाव और बदसलूकी" करार दिया है.
व्यापार युद्ध की चिंता के बीच सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर.
शी जिनपिंग ने शुक्रवार को स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ से बीजिंग में मुलाकात की और इस दौरान उन्होंने यूरोपीय यूनियन से अपील की कि वह चीन का साथ देकर अमेरिका के "एकतरफा व्यवहार" का विरोध करे.
शी जिनपिंग ने कहा, "चीन और यूरोप को मिलकर अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों को निभाना चाहिए और एकतरफा दबाव वाली राजनीति का संयुक्त रूप से विरोध करना चाहिए. इससे न सिर्फ हमारे अपने अधिकारों की रक्षा होगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय न्याय भी सुरक्षित रहेगा."
स्पेन ने जताई चिंता
स्पेन के प्रधानमंत्री सांचेज़ ने माना कि यूरोप का चीन के साथ व्यापार घाटा है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि व्यापारिक तनाव चीन और यूरोप के रिश्तों की मजबूती में बाधा नहीं बनना चाहिए. उन्होंने कहा, "हमें व्यापारिक समस्याओं को बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए, ताकि दोनों पक्षों के बीच विकास की संभावनाएं बनी रहें."
कैसे बढ़ा अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर
डोनाल्ड ट्रंप ने जब से जनवरी में पद संभाला है, उन्होंने लगातार चीन पर टैक्स बढ़ाए हैं: शुरुआत में 10% टैक्स लगाया गया था, जिसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 34%, फिर 50% किया गया. चीन ने हर बार जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिका पर समान टैक्स लगाए. इसके बाद ट्रंप ने फिर 125% और अब आखिरी बार 145% टैक्स लगा दिया है. व्हाइट हाउस ने यह भी कहा कि यह टैक्स उन उत्पादों पर भी लागू है जिन पर फेंटानिल तस्करी के आरोपों को लेकर पहले से 20% टैक्स लगाया गया था.
अब जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध अपने चरम पर है, तो यह सिर्फ दोनों देशों पर नहीं बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 11, 2025 01:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

