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APEC समिट में आमने-सामने होंगे ट्रंप और शी जिनपिंग, क्या खत्म होगी अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले गुरुवार को APEC समिट में मुलाकात करेंगे. 2019 के बाद यह उनकी पहली आमने-सामने की बैठक होगी, जिसका मकसद दोनों देशों के बीच चल रहे भयंकर 'ट्रेड वॉर' (व्यापार युद्ध) को शांत करना है. इस बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं क्योंकि इससे टैरिफ और व्यापारिक पाबंदियों पर कोई बड़ा फैसला हो सकता है.

APEC समिट में आमने-सामने होंगे ट्रंप और शी जिनपिंग, क्या खत्म होगी अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर?
(Photo : X)

व्हाइट हाउस ने एक बड़ा ऐलान किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले गुरुवार को मुलाकात करने वाले हैं. यह मीटिंग एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन (APEC) समिट के दौरान दक्षिण कोरिया में होगी.

पूरी दुनिया की नजरें इस मीटिंग पर हैं, क्योंकि अमेरिका और चीन दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं और इनके बीच काफी समय से 'ट्रेड वॉर' यानी व्यापार को लेकर तनातनी चल रही है. इस मुलाकात का मुख्य मकसद इसी तनाव को कम करना है.

क्यों खास है यह मीटिंग?

जनवरी में सत्ता में वापस आने के बाद यह पहली बार होगा जब ट्रंप और शी आमने-सामने बैठकर बात करेंगे. हालांकि, इस साल दोनों नेताओं के बीच तीन बार फोन पर बात हो चुकी है. आखिरी बार ये दोनों 2019 में मिले थे, जब ट्रंप का पहला कार्यकाल चल रहा था.

ट्रंप ने इस मीटिंग के बारे में कहा, "मुझे लगता है कि हम बहुत अच्छे से बातचीत करेंगे और हर कोई बहुत खुश होगा."

किन मुद्दों पर होगी बात?

ट्रंप हमेशा से मानते आए हैं कि शी के साथ सीधी बातचीत ही सारे मसले सुलझाने का सबसे अच्छा तरीका है. दोनों देशों के बीच कई बड़े मुद्दे फंसे हुए हैं, जैसे:

टैरिफ: यानी एक-दूसरे के सामान पर लगाए जाने वाले भारी टैक्स.

एक्सपोर्ट पर पाबंदी: अमेरिका ने चीन की टेक्नोलॉजी पर और चीन ने 'रेयर-अर्थ' मिनरल्स (खास खनिज) पर पाबंदी लगाई है.

अन्य मुद्दे: खेती के सामान की खरीद, फेंटानिल (एक नशीला पदार्थ) की तस्करी और ताइवान जैसे गंभीर भू-राजनैतिक मसले.

तनाव कम होगा या बढ़ेगा?

भले ही ट्रंप, शी के साथ अपने रिश्तों की तारीफ करते हों, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में तनाव काफी बढ़ गया था. चीन ने जब रेयर-अर्थ मिनरल्स के एक्सपोर्ट पर रोक लगाई, तो ट्रंप इतने नाराज हुए कि उन्होंने यह मीटिंग रद्द करने की धमकी तक दे दी थी.

दोनों देशों के बीच व्यापार पर जो अस्थाई शांति (ट्रेड ट्रूस) चल रही है, वह भी 10 नवंबर को खत्म होने वाली है. ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर चीन अपनी पाबंदियों पर नहीं माना, तो वह 1 नवंबर से चीन के सामान पर 100% का भारी-भरकम टैरिफ लगा देंगे.

बाजार में खुशी की लहर

इस मीटिंग की खबर आते ही बाजारों ने राहत की सांस ली है. तनाव कम होने की उम्मीद में एशियाई शेयर बाजारों के शुक्रवार को मजबूती के साथ खुलने के आसार हैं.

ट्रंप का पूरा एशिया दौरा

APEC समिट के लिए दक्षिण कोरिया जाने से पहले, ट्रंप मलेशिया और जापान भी रुकेंगे. वह मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और जापान की नई प्रधानमंत्री सना तकाची से भी मुलाकात करेंगे.

कुल मिलाकर, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या दुनिया के ये दो सबसे ताकतवर नेता अपने मतभेदों को सुलझा पाते हैं या नहीं.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 24, 2025 08:38 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).