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Mount Everest Blizzard: माउंट एवरेस्ट पर बर्फीले तूफान का कहर, 1000 ट्रेकर्स फंसे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

तिब्बत में माउंट एवरेस्ट के पास एक भयानक बर्फीले तूफान ने करीब 1,000 ट्रेकर्स को फंसा दिया है. यह असामान्य बर्फबारी अक्टूबर में हुई है, जो आमतौर पर चढ़ाई के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है. बचाव दल तुरंत हरकत में आ गए हैं और सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकालकर बचाव अभियान तेजी से चला रहे हैं.

Mount Everest Blizzard: माउंट एवरेस्ट पर बर्फीले तूफान का कहर, 1000 ट्रेकर्स फंसे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
(Photo : X)

तिब्बत में माउंट एवरेस्ट के इलाके में एक भयानक बर्फीले तूफान ने तबाही मचा दी है. इस तूफान की वजह से करीब 1,000 ट्रेकर्स (पहाड़ों पर चढ़ाई करने वाले) बुरी तरह फंस गए हैं. यह घटना रविवार को हुई, जिसके बाद तुरंत बचाव अभियान शुरू कर दिया गया.

क्या है पूरी स्थिति?

यह तूफान हिमालय में असामान्य रूप से हुई भारी बर्फबारी और बारिश का नतीजा है. बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद कई ट्रेकर्स को सुरक्षित निकाल लिया है. चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक, रविवार तक 350 ट्रेकर्स को पास के एक छोटे से कस्बे कुडांग (Qudang) तक सुरक्षित पहुंचा दिया गया था. इसके अलावा, 200 से ज्यादा और ट्रेकर्स से संपर्क साध लिया गया है और उन्हें भी निकालने की कोशिशें जारी हैं.

सैकड़ों स्थानीय ग्रामीण और बचाव दल की टीमें मिलकर रास्ते में जमी बर्फ को हटाने का काम कर रही हैं, ताकि फंसे हुए लोगों तक पहुंचना आसान हो सके.

ट्रेकर्स ने बताया आंखों देखा हाल

जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, उनमें ट्रेकर्स घुटनों तक गहरी बर्फ और तेज हवाओं के बीच से गुजरते दिख रहे हैं. अक्टूबर के महीने में ऐसा मौसम होना बहुत ही असामान्य बात है.

कुडांग कस्बे में सुरक्षित पहुंचे एक ट्रेकर ने बताया, "पहाड़ों में इतनी नमी और ठंड थी कि हाइपोथर्मिया (शरीर का तापमान खतरनाक रूप से कम हो जाना) का असली खतरा था." उसने यह भी बताया कि इस साल मौसम बिल्कुल भी सामान्य नहीं है. उसके गाइड ने कहा कि उसने अपनी जिंदगी में अक्टूबर में कभी ऐसा भयानक मौसम नहीं देखा. ट्रेकर ने राहत की सांस लेते हुए कहा, "गांव में पहुंचने के बाद हमें खाना मिला और आखिरकार हम गर्म महसूस कर पाए."

कब और कैसे शुरू हुआ ये सब?

यह भारी बर्फबारी शुक्रवार शाम से शुरू हुई और धीरे-धीरे माउंट एवरेस्ट के पूर्वी ढलानों पर तेज हो गई. यह इलाका पर्वतारोहियों और ट्रेकर्स के बीच काफी लोकप्रिय है. यह घाटी औसतन 4,200 मीटर (13,800 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है.

आमतौर पर अक्टूबर का महीना चढ़ाई के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि भारतीय मॉनसून के बाद आसमान साफ हो जाता है. इस साल चीन में आठ दिनों की राष्ट्रीय छुट्टी होने की वजह से भी यहां ट्रेकर्स की भीड़ थोड़ी ज्यादा थी.

यह बर्फबारी पड़ोसी देश नेपाल और भारत के कुछ हिस्सों में हुई भारी बारिश से जुड़ी हुई है, जिसके कारण कई जगहों पर भूस्खलन और बाढ़ भी आई है. फिलहाल, स्थानीय सरकार की मदद से बाकी बचे ट्रेकर्स को भी धीरे-धीरे सुरक्षित स्थान पर लाने का काम जारी है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 06, 2025 09:49 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).