दोहा/इस्लामाबाद: मध्य पूर्व यानी मिडल ईस्ट (Middle East) में गहराते युद्ध और सुरक्षा स्थितियों को देखते हुए कतर सरकार (Government of Qatar) ने पाकिस्तानी नागरिकों (Pakistani Citizens) के लिए अपनी 'वीजा-ऑन-अराइवल' (Visa-on-Arrival) नीति को अस्थायी रूप से निलंबित (Temporarily Suspended) कर दिया है. खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कतर स्थित पाकिस्तानी दूतावास (Pakistani Embassy in Qatar) ने इस बदलाव की पुष्टि करते हुए यात्रियों के लिए एक आधिकारिक एडवाइजरी (Official Advisory) जारी की है. यह भी पढ़ें: Middle East Tensions: ऊर्जा संकट के बीच मलेशिया का बड़ा फैसला: 15 अप्रैल से 'वर्क फ्रॉम होम' करेंगे सरकारी कर्मचारी
यात्रा से पहले वीजा लेना अनिवार्य
पाकिस्तानी दूतावास द्वारा जारी बयान में कहा गया है, 'मौजूदा परिस्थितियों के कारण पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा-ऑन-अराइवल की सुविधा फिलहाल उपलब्ध नहीं है. कतर की यात्रा करने वाले सभी नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे असुविधा से बचने के लिए यात्रा से पहले उचित वीजा प्राप्त करें.' दूतावास ने यात्रियों से यह भी आग्रह किया है कि वे अपनी योजना को अंतिम रूप देने से पहले आधिकारिक माध्यमों से वीजा आवश्यकताओं की पुष्टि कर लें.
पाकिस्तानी नागरिकों के लिए कतर ने 'वीजा-ऑन-अराइवल' अस्थाई तौर पर किया निलंबित
Pakistani nationals intending to travel to Qatar are advised that visa-on-arrival facility is currently not available due to prevailing situation. All Pakistani travellers to Qatar are advised to obtain appropriate visas prior to travel to avoid inconvenience.
— Pakistan Embassy Qatar (@PakinQatar) March 30, 2026
Amid escalating tensions in the Middle East, Qatar has temporarily suspended the visa-on-arrival facility for Pakistani nationals, according to the Pakistan Embassy.
Travellers from Pakistan are now required to secure visas in advance, with authorities urging citizens to verify… pic.twitter.com/ygeuTg33H5
— IndiaToday (@IndiaToday) April 2, 2026
शांति के लिए पाकिस्तान की मध्यस्थता की पहल
एक ओर जहां यात्रा प्रतिबंध बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान ने खुद को इस संकट में एक मध्यस्थ (Intermediary) के रूप में पेश किया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को कहा कि इस्लामाबाद अमेरिका और ईरान के बीच 'सार्थक और निर्णायक बातचीत' की सुविधा प्रदान करने के लिए 'तैयार और सम्मानित' महसूस करेगा.
प्रधानमंत्री शरीफ ने स्पष्ट किया कि यदि दोनों पक्ष सहमत हों, तो पाकिस्तान एक व्यापक समझौते के लिए वार्ता की मेजबानी करने को तैयार है.
बैकचैनल कूटनीति और शांति प्रयास
रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की के साथ मिलकर युद्ध को रोकने के लिए 'बैकचैनल' प्रयासों में लगा हुआ है. प्रधानमंत्री शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से भी फोन पर बात की और क्षेत्र में बढ़ती शत्रुता पर चिंता व्यक्त करते हुए तनाव कम करने (De-escalation) की अपील की.
सूत्रों के मुताबिक, वाशिंगटन ने भी इस्लामाबाद के माध्यम से तेहरान को 15-सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव (Truce Proposal) भेजा है, जो इस संकट को सुलझाने में पाकिस्तान की महत्वपूर्ण राजनयिक भूमिका को दर्शाता है. यह भी पढ़ें: Iran War Update: डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान; कहा- 'सैन्य अभियान लक्ष्य के करीब, समझौता नहीं हुआ तो किए जाएंगे और भी विनाशकारी हमले
सुरक्षा और अनुपालन पर जोर
पाकिस्तानी दूतावास ने अपने नागरिकों की सहायता करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए जोर दिया है कि यात्री कतरी अधिकारियों या अधिकृत वीजा केंद्रों से संपर्क बनाए रखें. बदलती वैश्विक स्थितियों के बीच प्रवेश नियमों का पालन करना अनिवार्य है ताकि किसी भी अंतरराष्ट्रीय कानूनी पेचीदगी से बचा जा सके.












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