Iran War Update: डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान; कहा- 'सैन्य अभियान लक्ष्य के करीब, समझौता नहीं हुआ तो किए जाएंगे और भी विनाशकारी हमले
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में दावा किया कि ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' अपने मुख्य रणनीतिक लक्ष्यों को पूरा करने के करीब है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समझौता नहीं हुआ, तो अगले कुछ हफ्तों में और भी विनाशकारी हमले किए जाएंगे.
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वॉशिंगटन, डीसी: फरवरी के उत्तरार्ध में शुरू हुए संघर्ष के बाद अपने पहले प्रमुख राष्ट्रीय संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने ईरानी शासन ( Iranian Regime) के खिलाफ अमेरिकी सेना (American Military) की "निर्णायक" कार्रवाई की सराहना की है. व्हाइट हाउस से बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि एक महीने से जारी "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" (Operation Epic Fury) के मुख्य उद्देश्य लगभग पूरे होने वाले हैं. उन्होंने दावा किया कि पिछले चार हफ्तों में अमेरिकी सशस्त्र बलों ने युद्ध के मैदान में त्वरित और भारी जीत हासिल की है. यह भी पढ़ें: US-Iran War: राष्ट्रपति ट्रंप ने 2 से 3 सप्ताह में शांति का जताया भरोसा, तेहरान ने दावों को किया खारिज
ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान का दावा
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संबोधन में विस्तार से बताया कि कैसे अमेरिकी हमलों ने ईरान की नौसैनिक और हवाई क्षमताओं को व्यवस्थित रूप से ध्वस्त कर दिया है. ट्रंप ने घोषणा की, 'ईरान की नौसेना खत्म हो गई है, उनकी वायु सेना मलबे में तब्दील हो चुकी है और उनके अधिकांश सैन्य नेता मारे जा चुके हैं.'
उन्होंने आगे कहा कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करने की क्षमता को काफी हद तक कम कर दिया गया है। ट्रंप के अनुसार, 'हथियार कारखाने और रॉकेट लॉन्चरों को टुकड़ों में उड़ा दिया गया है—अब उनमें से बहुत कम बचे हैं.'
परमाणु समझौते से हटने के फैसले का बचाव
ट्रंप ने अपनी आक्रामक रणनीति और 2015 के बहुपक्षीय परमाणु समझौते से हटने के अपने पुराने फैसले का बचाव किया. उन्होंने तर्क दिया कि यदि वह हस्तक्षेप नहीं करते, तो ईरान के पास अब तक परमाणु हथियारों का एक बड़ा जखीरा होता. राष्ट्रपति ने टिप्पणी की, "अगर हमने कार्रवाई नहीं की होती, तो आज मध्य पूर्व और इज़राइल का अस्तित्व नहीं होता." उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा मिशन का उद्देश्य ईरान की आतंकवादी समूहों को समर्थन देने की क्षमता को कुचलना और उन्हें परमाणु बम बनाने से रोकना है. यह भी पढ़ें: Middle East Conflict Escalates: तेहरान पर इजरायल के बड़े हमले, ईरान को दी चेतावनी- ‘हमले और बढ़ेंगे’, जानें ताजा हालात
'समझौता नहीं तो और हमले होंगे'
अभियान के समापन की ओर बढ़ने के संकेतों के बीच ट्रंप ने सख्त चेतावनी भी जारी की. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ईरान समझौता नहीं करता है, तो अमेरिका हमले जारी रखेगा. ट्रंप ने कहा, "हम अगले दो-तीन हफ्तों तक उन पर कड़ी कार्रवाई जारी रखेंगे और उन्हें पत्थर युग (Stone Age) में ले जाएंगे.'
उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान में 'सत्ता परिवर्तन' (Regime change) की स्थिति बनी है और अब वहां एक नया, कम कट्टरपंथी समूह है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बातचीत सफल नहीं होती है, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों और तेल क्षेत्रों को भी निशाना बना सकता है. ट्रंप ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा, 'हमारी नजर प्रमुख लक्ष्यों पर है और हमें कोई रोक नहीं सकता.'
निष्कर्ष और वर्तमान स्थिति
ट्रंप के इस भाषण से संकेत मिलता है कि अमेरिका का सैन्य अभियान एक निश्चित अंत की ओर बढ़ रहा है, लेकिन आने वाले कुछ हफ्तों में तनाव और हमले जारी रहने की संभावना है. वैश्विक समुदाय अब ईरान की प्रतिक्रिया और कूटनीतिक वार्ताओं की दिशा पर करीब से नजर रख रहा है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 02, 2026 08:27 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

