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Middle East Tensions: ऊर्जा संकट के बीच मलेशिया का बड़ा फैसला: 15 अप्रैल से 'वर्क फ्रॉम होम' करेंगे सरकारी कर्मचारी

मध्य पूर्व में जारी युद्ध और गहराते वैश्विक ऊर्जा संकट के मद्देनजर, मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने सरकारी कर्मचारियों के लिए 15 अप्रैल से 'वर्क फ्रॉम होम' (WFH) नीति लागू करने की घोषणा की है.

Middle East Tensions: ऊर्जा संकट के बीच मलेशिया का बड़ा फैसला: 15 अप्रैल से 'वर्क फ्रॉम होम' करेंगे सरकारी कर्मचारी
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम (Photo Credits: X)

कुआलालंपुर: मलेशिया सरकार (Government of Malaysia) ने देश में ऊर्जा संरक्षण और ईंधन की खपत कम करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम (Prime Minister Anwar Ibrahim) ने बुधवार रात एक विशेष संबोधन में घोषणा की कि 15 अप्रैल 2026 से सभी मंत्रालयों, सरकारी एजेंसियों, वैधानिक निकायों और सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों (GLCs) के कर्मचारी 'वर्क फ्रॉम होम' (Work From Home) मोड में काम करेंगे. यह निर्णय मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध (Middle East Tensions) के कारण वैश्विक स्तर पर उपजे ऊर्जा संकट (Energy Crisis) और तेल आपूर्ति (Oil Supply) में बाधाओं को देखते हुए लिया गया है. यह भी पढ़ें: Iran War Update: डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान; कहा- 'सैन्य अभियान लक्ष्य के करीब, समझौता नहीं हुआ तो किए जाएंगे और भी विनाशकारी हमले

ईंधन बचाने और स्थिरता सुनिश्चित करने की पहल

प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने स्पष्ट किया कि इस नीति का प्राथमिक उद्देश्य देश के भीतर ईंधन की खपत को कम करना और ऊर्जा आपूर्ति की निरंतरता बनाए रखना है. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव, विशेष रूप से ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को बुरी तरह प्रभावित किया है. प्रधानमंत्री के अनुसार, ‘स्थिति सुधरने से पहले और खराब हो सकती है, इसलिए हमें समय रहते एहतियाती कदम उठाने होंगे.’

मलेशिया में 15 अप्रैल से वर्क फ्रॉम होम करेंगे सरकारी कर्मचारी

निजी क्षेत्र को भी सलाह

सरकारी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य आदेश जारी करने के साथ ही, प्रधानमंत्री ने निजी क्षेत्र की कंपनियों से भी अपील की है कि वे जहां संभव हो, अपने कर्मचारियों के लिए रिमोट वर्किंग या लचीली कार्य व्यवस्था लागू करें. उन्होंने बैंकों और कुछ अन्य कंपनियों का उदाहरण दिया जो पहले से ही इस तरह की व्यवस्था अपना रहे हैं. सरकार का मानना है कि यदि निजी क्षेत्र भी इसमें सहयोग करता है, तो देश के ऊर्जा संसाधनों पर दबाव काफी कम हो जाएगा.

आवश्यक सेवाएं रहेंगी जारी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि 'वर्क फ्रॉम होम' के दिशा-निर्देश फ्रंटलाइन और आवश्यक सेवाओं पर लागू नहीं होंगे. स्वास्थ्य सेवा, कानून प्रवर्तन (पुलिस) और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े कर्मचारी अपने कार्यस्थलों पर मौजूद रहेंगे ताकि जनता को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं में कोई बाधा न आए. मुख्य सचिव और लोक सेवा विभाग जल्द ही इस नीति के क्रियान्वयन के विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेंगे. यह भी पढ़ें: Iran Strikes Kuwait Airport: ईरान ने कुवैत एयरपोर्ट और कतर के पास तेल टैंकर पर किया हमला, युद्ध के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण

बढ़ता आर्थिक दबाव

मलेशिया वर्तमान में ईंधन सब्सिडी पर भारी खर्च कर रहा है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, तेल की बढ़ती कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिए सरकार हर महीने लगभग 4 अरब मलेशियाई रिंगिट (करीब 993 मिलियन डॉलर) खर्च कर रही है. हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में आपूर्ति बाधित होने से वैश्विक तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने अब तक पेट्रोल (RON95) की कीमत 1.99 रिंगिट प्रति लीटर पर स्थिर रखी है, लेकिन लंबे समय तक इसे बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है.

इस नई कार्य नीति को इसी आर्थिक और रणनीतिक दबाव को कम करने के एक प्रो-एक्टिव उपाय के रूप में देखा जा रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 02, 2026 11:46 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).