Middle East Conflict: दुबई एयरपोर्ट के पास ईरानी ड्रोन हमला, एक भारतीय सहित 4 घायल; मध्य पूर्व में युद्ध तेज
बेरूत के दक्षिणी इलाके दहियाह में इजरायली एयरस्ट्राइक के बाद उठते धुएं की फाइल फोटो (Photo Credits: AP/Hussein Malla)

दुबई: मध्य पूर्व (Middle East) में जारी युद्ध अब दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक, दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Dubai International Airport) तक पहुंच गया है. बुधवार को एयरपोर्ट के पास हुए दो ईरानी ड्रोन हमलों (Iranian Drone Attacks) में एक भारतीय नागरिक सहित (Including Indian Citizens) चार विदेशी कर्मचारी घायल हो गए. दुबई मीडिया ऑफिस (Dubai Media Office) के अनुसार, घायलों में दो घाना के और एक बांग्लादेशी नागरिक (Bangladeshi Citizens) को मामूली चोटें आई हैं, जबकि भारतीय नागरिक (Indian Citizen)  मध्यम रूप से घायल हुआ है. हमले के बावजूद हवाई अड्डे से उड़ानों का परिचालन जारी है. यह भी पढ़ें: Middle East Tensions: मध्य पूर्व में तनाव के बीच ऑस्ट्रेलिया की 'घोस्ट फ्लाइट्स', आखिर क्यों खाली लौट रहे हैं विमान?

खाड़ी देशों पर ईरान का चौतरफा हमला

बुधवार सुबह से ही ईरान और इजरायल के बीच भारी गोलाबारी जारी है. तेहरान ने खाड़ी अरब देशों के तेल बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई है.

  • कुवैत और सऊदी अरब: कुवैत ने अपने हवाई क्षेत्र में 8 ईरानी ड्रोनों को मार गिराने का दावा किया है, जबकि सऊदी अरब ने अपनी महत्वपूर्ण 'शयबाह' तेल खदान की ओर बढ़ रहे 5 ड्रोनों को बीच में ही रोक दिया.
  • समुद्री मार्ग पर संकट: ओमान के तट के पास हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक मालवाहक जहाज पर हमला हुआ, जिससे उसमें आग लग गई और चालक दल को जहाज छोड़ना पड़ा.

हॉर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापार ठप

ईरान ने दुनिया के इस सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से होने वाले कार्गो ट्रैफिक को प्रभावी ढंग से रोक दिया है. गौरतलब है कि दुनिया के कुल तेल परिवहन का लगभग पांचवां हिस्सा इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है. इस रुकावट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें युद्ध शुरू होने के बाद से लगभग 20% बढ़ गई हैं, जिसका सीधा असर दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ रहा है.

इजरायल का लेबनान और ईरान पर पलटवार

इजरायल ने तेहरान और लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के ठिकानों पर नए हमले शुरू कर दिए हैं. मध्य बेरूत के घनी आबादी वाले आयशा बक्कर इलाके में एक बहुमंजिला इमारत इजरायली हमले की चपेट में आ गई. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक वहां लगभग 500 लोग मारे जा चुके हैं. वहीं, इजरायल ने चेतावनी दी है कि ईरान की ओर से किए गए बैलिस्टिक मिसाइल हमलों का कड़ा जवाब दिया जाएगा. यह भी पढ़ें: Iran News Papers: युद्ध के बीच ईरानी अखबार का Trump को सीधा संदेश, 'इनकी आंखों में देखो', स्कूल हमले की पीड़ित लड़कियों की तस्वीरें फ्रंट पेज पर छापकर जताया आक्रोश

संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव पर मतदान

इस बीच, न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) द्वारा प्रायोजित एक प्रस्ताव पर मतदान करने वाली है. इस प्रस्ताव में ईरान से अपने पड़ोसी अरब देशों (बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात) पर हमले तुरंत रोकने की मांग की गई है. युद्ध शुरू होने के बाद से सुरक्षा परिषद द्वारा विचार किया जाने वाला यह पहला आधिकारिक प्रस्ताव है.

विदेशी नागरिकों का पलायन

बढ़ते तनाव और सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक खाड़ी क्षेत्र छोड़कर जा रहे हैं. ब्रिटिश विदेश कार्यालय के अनुसार, अब तक 45,000 से अधिक ब्रितानी नागरिक और अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार लगभग 40,000 अमेरिकी नागरिक अपने देश लौट चुके हैं. ईरान में अब तक 1,300 से अधिक और इजरायल में 12 लोगों की मौत की खबर है.