Iran News Papers: ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच एक अखबार के फ्रंटपेज ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है. ईरान के प्रमुख दैनिक समाचार पत्र 'तेहरान टाइम्स' (Tehran Times) ने अपने मुख्य पृष्ठ पर उन स्कूली छात्राओं की तस्वीरें प्रकाशित की हैं, जो हाल ही में मिनाब शहर में हुए मिसाइल हमले में मारी गई थीं. अखबार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर सीधा निशाना साधते हुए हेडलाइन दी है- "ट्रंप, उनकी आंखों में देखो" (Trump, Look Them In The Eyes).
मिनाब शहर में 165 छात्राओं की मौत
बीती 28 फरवरी को दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में स्थित "शजरे तैयबा" (Shajareh Tayyebeh) एलिमेंट्री स्कूल पर अमेरिकी मिसाइल से हमला किया गया था. रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में 165 मासूम छात्राओं की मौत हो गई. अल जजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जिस समय हमला हुआ, बच्चे और शिक्षक कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे थे. मिसाइल गिरते ही स्कूल की पूरी इमारत ढह गई, जिससे छात्राएं मलबे में दब गईं. यह भी पढ़े: Israel-Iran War: ईरान-इजरायल तनाव के बीच मध्य पूर्व में चीन की बढ़ती कूटनीति, क्या अमेरिकी प्रभाव को मिल रही चुनौती?
देखें तस्वीर
The front page of Tehran Times features portraits of children reported killed in a missile strike on an elementary school in Minab, with the headline “Trump, Look Them In The Eyes.”
The editorial criticizes statements by Donald Trump about the attack during the ongoing conflict.… pic.twitter.com/dDIAtYnC3h
— APT News (@APT__News) March 9, 2026
ट्रंप के दावों पर ईरान का पलटवार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले को एक 'प्री-एम्प्टिव' (ऐहतियाती) स्ट्राइक करार दिया था. हालांकि, तेहरान टाइम्स ने अपने लेख में ट्रंप के इन दावों को पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताया है. अखबार ने लिखा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान तथ्यों से परे हैं और वे निर्दोष बच्चों की हत्या की जिम्मेदारी से बचने के लिए कूटनीतिक समाधानों को खारिज कर रहे हैं.
ईरानी नेतृत्व की तीखी प्रतिक्रिया
ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख अली लारीजानी ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा करते हुए इसे 'मासूम बच्चियों की सामूहिक शहादत' बताया. उन्होंने अमेरिका और इजरायल को इस अपराध का जिम्मेदार ठहराते हुए ट्रंप से सवाल किया, "मिस्टर ट्रंप! क्या यही वह गीत है जो आपने ईरान में आजादी के लिए लिखा था?" लारीजानी ने अमेरिकी नीति को पाखंड और धोखे का पर्याय बताया.
वर्तमान सुरक्षा स्थिति
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है. ईरान ने चेतावनी दी है कि वह इस 'आतंकवादी कृत्य' का बदला जरूर लेगा. अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी रिहायशी इलाकों और शैक्षणिक संस्थानों पर हो रहे हमलों पर चिंता जताई है. मानवाधिकार संगठनों ने इस घटना की स्वतंत्र जांच की मांग की है, जबकि वाशिंगटन अपने रुख पर अडिग है कि ये हमले राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर किए गए हैं.












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