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लगातार 3 सूर्य ग्रहण: 12 अगस्त से शुरू होगा दुर्लभ खगोलीय सिलसिला

अगस्त 2026 से शुरु होकर स्पेन और उत्तरी अफ्रीका के आकाश में सूर्य ग्रहण के कई दुर्लभ और अद्भुत नजारे देखने को मिलेंगे.

लगातार 3 सूर्य ग्रहण: 12 अगस्त से शुरू होगा दुर्लभ खगोलीय सिलसिला
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

अगस्त 2026 से शुरु होकर स्पेन और उत्तरी अफ्रीका के आकाश में सूर्य ग्रहण के कई दुर्लभ और अद्भुत नजारे देखने को मिलेंगे. जनवरी 2028 तक तीन सूर्य ग्रहण दिखेंगे.जब जोसेप मसालेस 17 साल के थे, तब पूर्वोत्तर स्पेन में स्थित अपने शहर बार्सिलोना के आसमान में आंशिक सूर्य ग्रहण देखकर वे उससे काफी प्रभावित हुए थे. इस घटना ने उनके भीतर एक ऐसा जुनून जगाया जो जिंदगी भर उनके साथ रहा और उन्हें पूरी दुनिया में ले गया. उसके बाद के 53 सालों में, मसालेस ने 43 ग्रहण देखे हैं, जिनमें 22 पूर्ण सूर्य ग्रहण शामिल हैं.

बार्सिलोना एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी (एएसटीईआर) के मुख्यालय में डीडब्ल्यू से बात करते हुए संस्था के अध्यक्ष मसालेस ने कहा, "सूर्य ग्रहण की खूबसूरती की तुलना किसी और चीज से नहीं की जा सकती. मेरे लिए इसका मतलब सिर्फ आसमान को देखना नहीं, बल्कि दुनिया घूमना, अलग-अलग समाजों और संस्कृतियों को समझना और दूसरे खगोलशास्त्रियों से मिलना भी रहा है.”

मसालेस, दुनिया भर के अन्य खगोलशास्त्रियों के साथ मिलकर, अब अगस्त 2026 से जनवरी 2028 के बीच स्पेन और उत्तरी अफ्रीका (मोरक्को, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया, मिस्र) के आसमान में दिखने वाले सूर्य ग्रहणों की एक दुर्लभ हैट्रिक (तीन लगातार ग्रहणों) की तैयारी कर रहे हैं.

लगातार तीन सूर्य ग्रहण का नजारा कहां-कहां दिखेगा?

12 अगस्त को एक पूर्ण सूर्य ग्रहण उत्तर-पश्चिमी स्पेन के गलिशिया से शुरू होकर पूर्व में बालेयारिक द्वीप समूह तक गुजरेगा. इसके अलावा, यह ग्रीनलैंड और आइसलैंड के पश्चिमी छोर से भी दिखाई देगा.

दूसरा पूर्ण सूर्य ग्रहण 2 अगस्त, 2027 को होगा, जो दक्षिणी स्पेन की सीमा वाले इलाकों, उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों से दिखाई देगा. जनवरी 2028 में, एक वलयाकार सूर्य ग्रहण (वलय जैसा ग्रहण) स्पेन के दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर से होकर गुजरेगा.

वलयाकार सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा पृथ्वी से काफी दूर होता है. इसलिए, वह सूरज को पूरी तरह से ढक नहीं पाता, यानी यह पूर्ण सूर्य ग्रहण नहीं होता. लेकिन इस वजह से आसमान में एक चमकता हुआ ‘आग का छल्ला' (रिंग ऑफ फायर) दिखाई देता है, जहां सूरज का सिर्फ बाहरी किनारा ही नजर आता है.

हर साल दो से तीन सूर्य ग्रहण होते हैं. लेकिन ज्यादातर ग्रहण समुद्र या पृथ्वी के ऐसे हिस्सों में होते हैं जहां बहुत कम लोग रहते हैं. पूर्ण सूर्य ग्रहण आमतौर पर हर 18 महीने में ही होता है. पूर्ण सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य की रोशनी को पूरी तरह से रोक लेता है, जिससे पृथ्वी का एक हिस्सा अंधेरे में डूब जाता है.

यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ईएसए) में साइंस कम्युनिकेशन और एजुकेशन की हेड, सैंड्रा बेनिटेज हेरेरा ने कहा कि स्पेन में लगभग डेढ़ साल के अंदर तीन सूर्य ग्रहण (जिनमें दो पूर्ण सूर्य ग्रहण शामिल हैं) का दिखना एक असाधारण घटना है.

हेरेरा ने बताया, "यह सचमुच बहुत ही अनोखी बात है. सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की विशेष ज्यामितीय स्थिति (एक लाइन में आने) और ऑर्बिट के झुकाव की वजह से स्पेन में ये तीनों ग्रहण देखने को मिल रहे हैं.

इबेरियन प्रायद्वीप (स्पेन और पुर्तगाल वाले इलाके) में 1912 के बाद से कोई पूर्ण सूर्य ग्रहण नहीं देखा गया है. 2027 के बाद यूरोप के किसी भी हिस्से में अगला पूर्ण सूर्य ग्रहण सीधे 2053 में ही देखने को मिलेगा.

पूर्ण ग्रहण या ‘टोटैलिटी' के समय, जब चंद्रमा सूरज को पूरी तरह से ढक लेता है, तो आसमान में अंधेरा छा जाता है और सूरज के वायुमंडल की बाहरी परत (जिसे कोरोना कहते हैं) नंगी आंखों से साफ दिखाई देने लगती है.

यूरोप में बनाया गया पहला कृत्रिम सूर्य ग्रहण

मसालेस ने कहा कि पूर्ण सूर्य ग्रहण आमतौर पर कुछ ही मिनटों का होता है, लेकिन वह पल ‘किसी भी इंसान को प्रभावित किए बिना नहीं छोड़ता.' वे कहते हैं, "उस खूबसूरती और ब्रह्मांड की भव्यता के सामने, यह एहसास भी होता है कि हमारी धरती कितनी छोटी है और यह ब्रह्मांड कितना विशाल है.”

जादुई पल होता है पूर्ण सूर्य ग्रहण

पूर्ण सूर्य ग्रहण वैज्ञानिकों को सूरज के कोरोना, यानी उसके वायुमंडल और पृथ्वी पर पड़ने वाले उसके असर का अध्ययन करने का मौका देते हैं. इसे ‘स्पेस वेदर' (अंतरिक्ष का मौसम) कहा जाता है. आज के दौर में यह अध्ययन और भी महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि हम संचार, पैसों के लेन-देन और जलवायु परिवर्तन पर नजर रखने वाली ‘अर्थ ऑब्जर्वेशन' के लिए सैटेलाइट्स पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं.

स्पेस वेदर में सौर हवाएं और तूफान शामिल हैं, जो पृथ्वी पर मौजूद सैटेलाइट और यहां तक कि पावर ग्रिड को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं.

वैज्ञानिक जमीन से लिए गए डेटा को यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ईएसए) के प्रोबा-3 जैसे अंतरिक्ष यानों और सोलर ऑर्बिटर के डेटा के साथ मिलाकर, स्पेस वेदर के खतरों का सटीक अंदाजा लगाने की उम्मीद कर रहे हैं. प्रोबा-3 एक ऐसा स्पेसक्राफ्ट है जो अंतरिक्ष में खुद ‘कृत्रिम सूर्य ग्रहण' बनाकर अध्ययन करता है.

आम जिंदगी पर सूर्य ग्रहण का शायद सबसे बड़ा असर पढ़ाई और जानकारी पर पड़ता है. यह लाखों लोगों को खगोल विज्ञान और विज्ञान के दूसरे पहलुओं के बारे में जानने और सीखने के लिए प्रेरित करता है.

बेनिटेज हेरेरा ने कहा, "यहां तक कि छोटे-छोटे कस्बे और गांव भी पर्यटकों का स्वागत करने, स्टार पार्टी (तारों और खगोलीय नजारों को देखने का कार्यक्रम) आयोजित करने और संगीत व कॉन्सर्ट के साथ जश्न मनाने के लिए बेहद उत्साहित हैं.”

अगस्त में होने वाले सूर्यग्रहण के दौरान स्पेन में सैकड़ों सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. तीन ग्रहणों में से इस पहले ग्रहण के शुरू होने से कई महीने पहले से ही यह महसूस किया जा सकता है कि वैज्ञानिक अपने इस रोमांच और उत्साह को लोगों के साथ साझा करने के लिए बेहद उत्सुक हैं.

स्पेन के सबसे बड़े खगोल-विज्ञान संस्थान ‘इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स ऑफ द कैनरी आइलैंड्स' (आईएसी) के डायरेक्टर वैलेंटीन जुआन मार्टिनेज पिलेट ने कहा, "मैंने लोगों को रोते हुए देखा है. मैंने लोगों को हंसते हुए देखा है. मैंने लोगों को अजीब हरकतें करते हुए भी देखा है, क्योंकि यह वाकई एक जादुई पल होता है.”

सदी का ग्रहण: अलग-अलग महाद्वीपों के बीच सहयोग

बहुत से लोग अभी से 2027 के ग्रहण का इंतजार कर रहे हैं. इसे ‘सदी का सूर्य ग्रहण' कहा जा रहा है, क्योंकि मिस्र के आसमान में इसके चरम पर पूर्ण अंधेरे (टोटैलिटी) का पल 6 मिनट से भी ज्यादा समय तक रहने का अनुमान है. 2026 का ग्रहण सूर्यास्त के काफी करीब होगा. वहीं, 2027 का सूर्य ग्रहण सुबह के आखिरी पहर (दोपहर से ठीक पहले) में लगेगा, जब सूरज आसमान में काफी ऊंचाई पर होगा.

आईएसी के नेतृत्व में, मोरक्को की मोहम्मद VI पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी और अमेरिकी नेशनल सोलर ऑब्जर्वेटरी (एनएसओ) के सहयोग से चलाए जा रहे एक ‘सिटिजन साइंस प्रोजेक्ट' के तहत, 2027 के उस ग्रहण को देखने और उसका अध्ययन करने की तैयारी की जा रही है.

‘नॉर्थ अफ्रीकन टेलीस्कोप एक्लिप्स प्रोजेक्ट' (एनएटीई) का मकसद स्पेन, मोरक्को और अमेरिका के वैज्ञानिकों और हाई स्कूल के छात्रों को एक साथ लाना है. उन्हें उत्तरी मोरक्को में अलग-अलग दस टेलीस्कोप लोकेशन से कोरोना (सूर्य का बाहरी वातावरण) को देखने का मौका मिलेगा.

मोहम्मद VI पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी के एस्ट्रोफिजिसिस्ट यूसुफ मौलेन ने कहा, "यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है.” मराकेश के पास एक छोटे से गांव में पले-बढ़े मौलेन ने बताया कि बचपन में उनके समुदाय के लोग ग्रहण से डरते थे, क्योंकि उन्हें लगता था कि यह खतरनाक हो सकता है.

उन्होंने बताया, "वे हमें घर के अंदर छिपने के लिए कहते थे, क्योंकि उन्हें समझ नहीं आता था कि क्या हो रहा है. अब हम इसके उलट कर रहे हैं. हम लोगों को बाहर आकर ग्रहण देखने, चश्मा पहनने और इसका आनंद लेने के लिए बुला रहे हैं.”

मोरक्को में अलग-अलग जगहों से तस्वीरें इकट्ठा की जाएंगी और उन्हें जोड़कर सूरज की वायुमंडलीय गतिविधि की एक बड़ी तस्वीर बनाई जाएगी. अमेरिका में 2017 और 2024 में हुए पूर्ण सूर्य ग्रहण के लिए भी ऐसा ही एक प्रोजेक्ट चलाया गया था.

अमेरिका में मूल प्रयोग का नेतृत्व करने वाले मार्टिनेज ने कहा, "मैं देखना चाहूंगा कि जब हम मोरक्को से सूरज को देख रहे हों, तब उसमें एक बड़ा कोरोनल मास इजेक्शन या कोई बहुत बड़ा सौर विस्फोट (सोलर फ्लेयर) हो जाए. वैसे तो इससे कुछ वैज्ञानिक डेटा तो मिलेगा ही, लेकिन असल में इसका मुख्य मकसद छात्रों को विज्ञान की ओर आकर्षित करना और उनमें इसके प्रति उत्साह जगाना है.”

छात्रों का एक छोटा समूह 2027 में होने वाले मुख्य इवेंट की तैयारी के तौर पर, 2026 के ग्रहण के लिए उत्तरी स्पेन जाएगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 24, 2026 06:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).