सिडनी: मध्य पूर्व (Middle-East) में जारी हालिया संघर्ष के चलते ऑस्ट्रेलिया सरकार (Australia Government) ने वहां फंसे अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास शुरू किए हैं. हालांकि, इस बीच एक अजीब स्थिति पैदा हो गई है—दुबई (Dubai) और अबू धाबी (Abu Dhabi) से ऑस्ट्रेलिया (Australia) आने वाली कई उड़ानें आधी खाली या लगभग खाली लौट रही हैं. इन उड़ानों को मीडिया में 'घोस्ट फ्लाइट्स' (Ghost Flights) कहा जा रहा है, जिससे सरकार और विदेश मंत्री पेनी वोंग (Foreign Minister Penny Wong) काफी निराश हैं. यह भी पढ़ें: Iran News Papers: युद्ध के बीच ईरानी अखबार का Trump को सीधा संदेश, 'इनकी आंखों में देखो', स्कूल हमले की पीड़ित लड़कियों की तस्वीरें फ्रंट पेज पर छापकर जताया आक्रोश
उड़ानों के खाली लौटने के प्रमुख कारण
ऑस्ट्रेलियाई सरकार का कहना है कि वे हर एक सीट को भरने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। इसके पीछे मुख्य रूप से निम्नलिखित कारण सामने आए हैं:
- यूएई में सुरक्षित महसूस करना: सोशल मीडिया पर वायरल हुए कई वीडियो और बयानों से पता चलता है कि बड़ी संख्या में ऑस्ट्रेलियाई प्रवासी यूएई नहीं छोड़ना चाहते. उनका कहना है कि वे किसी 'युद्ध क्षेत्र' (War Zone) में नहीं फंसे हैं। कई लोगों का मानना है कि यूएई एक स्थिर और सुरक्षित देश है और वे सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर पूरा भरोसा रखते हैं.
- लॉजिस्टिकल चुनौतियां: कई यात्रियों को उड़ानों की सूचना बहुत कम समय (24 घंटे से भी कम) में दी गई, जिससे उनके लिए अपना घर, अनुबंध और पालतू जानवरों को व्यवस्थित करना कठिन हो गया.
- आर्थिक और व्यक्तिगत कारण: कई पेशेवरों का मानना है कि वे अचानक अपनी नौकरी नहीं छोड़ सकते. साथ ही, ऑस्ट्रेलिया में रहने की उच्च लागत और रोजगार की अनिश्चितता के कारण भी कई लोग वहीं रुकने को प्राथमिकता दे रहे हैं.
- अव्यवस्था और समन्वय की कमी: विमानों के अचानक रद्द होने और अंतिम समय में रिशेड्यूलिंग के कारण भी यात्रियों में असमंजस की स्थिति बनी रही, जिससे वे तय समय पर एयरपोर्ट नहीं पहुंच सके. यह भी पढ़ें: Israel-Iran War: ईरान-इजरायल तनाव के बीच मध्य पूर्व में चीन की बढ़ती कूटनीति, क्या अमेरिकी प्रभाव को मिल रही चुनौती?
सरकार की चिंता और प्रतिक्रिया
ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने इन 'घोस्ट फ्लाइट्स' पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा है कि सरकार एयरलाइंस के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि सीटों का सही उपयोग हो. उन्होंने स्पष्ट किया कि संघर्ष के कारण हवाई क्षेत्र में बदलाव और उड़ानों में हो रही देरी के बावजूद, वाणिज्यिक उड़ानें (Commercial Flights) ही नागरिकों को वापस लाने का सबसे तेज़ और सुरक्षित माध्यम हैं.
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि वह स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है और प्रभावित क्षेत्रों से अपने राजनयिकों के परिवारों को बाहर निकालने के निर्देश दिए हैं. दूतावास और वाणिज्य दूतावासों ने उन नागरिकों से संपर्क बनाए रखने की अपील की है जो अभी भी वहां हैं.
भविष्य की स्थिति
हालाँकि ऑस्ट्रेलिया सरकार ने स्पष्ट किया है कि वे अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन यह साफ है कि प्रवासी केवल 'डर' में अपना जीवन नहीं बदलना चाहते. जो ऑस्ट्रेलियाई नागरिक वापस लौटना चाहते हैं, उन्हें लगातार अपनी एयरलाइंस के संपर्क में रहने और जैसे ही सीट उपलब्ध हो, उसे बुक करने की सलाह दी गई है. वहीं, जो लोग यूएई में रुकने का फैसला कर रहे हैं, वे वहां के प्रशासन और सुरक्षा पर अपना अटूट विश्वास जता रहे हैं.













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