BluSmart Suspends Cab Bookings: दिल्ली-NCR, मुंबई और बेंगलुरु में इलेक्ट्रिक कैब चलाने वाली कंपनी BluSmart ने अचानक अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं. यूजर्स अब ऐप के जरिए 7 मई तक कोई भी कैब बुक नहीं कर पा रहे हैं. यह बंदी ऐसे वक्त में हुई है, जब कंपनी के संस्थापक अनमोल सिंह जग्गी और पुनीत सिंह जग्गी पर बड़ा आर्थिक घोटाला करने का आरोप लगा है. दरअसल, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने हाल ही में Gensol Engineering Limited और उसके प्रमोटर्स जग्गी भाइयों के खिलाफ अंतरिम आदेश जारी किया है.
आदेश के मुताबिक, EV खरीद के लिए उठाए गए करीब 978 करोड़ रुपये के लोन में से 260 करोड़ की हेराफेरी की गई है.
₹260 करोड़ के गबन का संदेह
इनमें से 664 करोड़ रुपये BluSmart के लिए 6,400 इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने के लिए दिए गए थे, लेकिन कंपनी ने सिर्फ 4,704 वाहन ही खरीदे. ऐसे में करीब 1,696 गाड़ियां कम खरीदी गईं, जिससे 260 करोड़ रुपये के गबन का संदेह है.
SEBI के अनुसार, इन पैसों का इस्तेमाल निजी फायदे के लिए किया गया. करीब 43 करोड़ रुपये DLF के लक्जरी प्रोजेक्ट ‘The Camellias’ में एक फ्लैट खरीदने में लगाए गए.
BluSmart में वेतन भुगतान में देरी
इसके साथ ही SEBI ने Gensol का शेयर स्प्लिट भी रोक दिया है और कंपनी के फाइनेंशियल रिकॉर्ड की जांच के लिए एक फॉरेंसिक ऑडिटर नियुक्त करने का आदेश दिया है. इस पूरे मामले का असर BluSmart की आंतरिक व्यवस्था पर भी पड़ा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने मार्च महीने की सैलरी का भुगतान समय पर नहीं किया. कर्मचारियों को भेजे गए एक ईमेल में अनमोल सिंह जग्गी ने कैश फ्लो की समस्या स्वीकार की है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि अप्रैल के अंत तक सभी बकाया चुका दिए जाएंगे.
ईमेल में कहा गया, "कैश फ्लो की दिक्कत की वजह से सैलरी में थोड़ी देर हो रही है, लेकिन अप्रैल के अंत तक सभी बकाया चुका दिए जाएंगे.''
अब आगे क्या होगा?
7 मई तक कैब बुकिंग नहीं होने से BluSmart के हजारों यूजर्स को परेशानी हो रही है. कंपनी ने फिलहाल इस अस्थायी बंदी पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है. मगर वित्तीय गड़बड़ी के गंभीर आरोपों के बीच यह संकट और गहराता दिख रहा है.













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