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India Cricket Team: गौतम गंभीर की टेस्ट कोचिंग पर मंडराए खतरे की बादल, टेस्ट और सीमित ओवरों के लिए अलग कोच की संभावना की चर्चा हुई तेज

गंभीर ने जुलाई 2024 में राहुल द्रविड़ की जगह ली और तब से उन्होंने 10 टेस्ट मैचों में टीम की कमान संभाली है, जिसमें से भारत ने केवल तीन मैच जीते हैं, छह हारे हैं और एक ड्रॉ रहा है. इनमें से सबसे ज्यादा शर्मनाक घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ 0-3 की हार थी. इसके बाद, भारत ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 1-3 से हारा, जो बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 10 वर्षों में भारत की पहली हार थी.

India Cricket Team: गौतम गंभीर की टेस्ट कोचिंग पर मंडराए खतरे की बादल, टेस्ट और सीमित ओवरों के लिए अलग कोच की संभावना की चर्चा हुई तेज
Gautam Gambhir (Photo: X)

भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम(India National Cricket Team) के पूर्व सलामी बल्लेबाज और वर्तमान कोच गौतम गंभीर की टेस्ट क्रिकेट में कोचिंग को लेकर सवाल उठने लगे हैं. इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने गंभीर के टेस्ट क्रिकेट में कोचिंग प्रदर्शन पर चिंता जताई है और सुझाव दिया है कि भारत को टेस्ट और सीमित ओवरों के क्रिकेट के लिए अलग-अलग कोच रखने पर विचार करना चाहिए. मोंटी पनेसर का मानना है कि गंभीर को सीमित ओवरों के क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जबकि टेस्ट टीम के लिए एक अनुभवी और सम्मानित कोच की नियुक्ति की जानी चाहिए. यह भी पढ़ें: आईसीसी चैंपियंस ट्राफी के लिए न्यूज़ीलैंड समेत इन टीमों ने जारी किया अपना स्क्वाड, यहां देखें सभी टीमों की खिलाड़ियों की पूरी सूची

गौतम गंभीर का टेस्ट कोचिंग रिकॉर्ड

गंभीर ने जुलाई 2024 में राहुल द्रविड़ की जगह ली और तब से उन्होंने 10 टेस्ट मैचों में टीम की कमान संभाली है, जिसमें से भारत ने केवल तीन मैच जीते हैं, छह हारे हैं और एक ड्रॉ रहा है. इनमें से सबसे ज्यादा शर्मनाक घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ 0-3 की हार थी. इसके बाद, भारत ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 1-3 से हारा, जो बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 10 वर्षों में भारत की पहली हार थी. दूसरी ओर, टी20 अंतरराष्ट्रीय में गंभीर की कोचिंग प्रभावशाली रही है, जहां उन्होंने सभी छह मुकाबले जीते हैं. हालांकि, वनडे में उनका रिकॉर्ड कमजोर रहा है, जिसमें भारत ने श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की श्रृंखला में दो मैच गंवाए और एक टाई किया.

अलग कोच की जरूरत?

पनेसर ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा कि गंभीर सीमित ओवरों के प्रारूप में अधिक सहज महसूस करते हैं. उन्होंने कहा, "भारत को टेस्ट और सीमित ओवरों के लिए अलग-अलग कोच रखने पर विचार करना चाहिए। यह टीम के लिए लाभकारी हो सकता है."

उन्होंने यह भी कहा कि गंभीर ने कई मौजूदा वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ खेला है, जिससे कोच और खिलाड़ियों के बीच तालमेल में दिक्कतें हो सकती हैं.

गंभीर का विदेशी प्रदर्शन

गंभीर का बल्लेबाजी रिकॉर्ड भी इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में प्रभावी नहीं रहा है. ऑस्ट्रेलिया में उन्होंने चार टेस्ट में 22.62 की औसत से 181 रन बनाए, जबकि इंग्लैंड में पांच टेस्ट में उनका औसत 12.70 रहा. पनेसर ने कहा, "गंभीर का विदेशी प्रदर्शन कमजोर रहा है, और यह कोचिंग में उनकी प्रभावशीलता पर असर डाल सकता है."

लक्ष्मण को लाने का सुझाव

पनेसर ने सुझाव दिया कि बीसीसीआई वीवीएस लक्ष्मण जैसे किसी दिग्गज खिलाड़ी को टेस्ट कोच के रूप में लाने पर विचार कर सकता है. लक्ष्मण की टेस्ट क्रिकेट में मजबूत पकड़ और सम्मानजनक छवि उन्हें खिलाड़ियों के बीच अधिक स्वीकार्य बना सकती है. फिलहाल, लक्ष्मण बीसीसीआई की नेशनल क्रिकेट अकादमी में क्रिकेट हेड के रूप में कार्यरत हैं.

 

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 13, 2025 04:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).