Rohit Sharma-Virat Kohli Vijay Hazare Salary: इंडियन प्रीमियर लीग की चमक-दमक भले ही भारतीय क्रिकेट का सबसे बड़ा आकर्षण हो, लेकिन घरेलू सफेद गेंद क्रिकेट की असली रीढ़ आज भी विजय हजारे ट्रॉफी मानी जाती है. हर साल खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट में जब दिग्गज खिलाड़ी उतरते हैं, तो दर्शकों की दिलचस्पी अपने आप बढ़ जाती है. 2025-26 सीजन में विराट कोहली और रोहित शर्मा की मौजूदगी ने एक बार फिर इस घरेलू प्रतियोगिता को चर्चा के केंद्र में ला दिया है. हालांकि दोनों खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्टेड खिलाड़ी हैं और आईपीएल में करोड़ों की कमाई करते हैं, लेकिन विजय हजारे ट्रॉफी में उनकी कमाई पूरी तरह तय और सीमित होती है. यहां नाम या स्टारडम नहीं, बल्कि अनुभव सबसे बड़ा पैमाना होता है. विजय हजारे ट्रॉफी में इन दिग्गजों के साथ उतरेगी सभी टीमें, जानिए भारतीय डोमेस्टिक टीमों की पूरी स्क्वाड
2025-26 सीजन के लिए विजय हजारे ट्रॉफी का वेतन ढांचा पूरी तरह से टियर सिस्टम पर आधारित है. खिलाड़ियों को उनके लिस्ट-ए मैचों के अनुभव के आधार पर श्रेणियों में बांटा जाता है. इस मामले में कोहली और रोहित दोनों घरेलू क्रिकेट के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं.
विजय हजारे ट्रॉफी में हर मैच की फीस:
सीनियर कैटेगरी (40 से ज़्यादा लिस्ट A मैच)
प्लेइंग XI: ₹60,000 प्रति मैच
रिजर्व: ₹30,000 प्रति मैच
मिड-लेवल कैटेगरी (21 से 40 लिस्ट A मैच)
प्लेइंग XI: ₹50,000 प्रति मैच
रिजर्व: ₹25,000 प्रति मैच
जूनियर कैटेगरी (0 से 20 लिस्ट A मैच)
प्लेइंग XI: ₹40,000 प्रति मैच
रिजर्व: ₹20,000 प्रति मैच
40 से ज्यादा लिस्ट-ए मैच खेलने वाले सीनियर खिलाड़ियों को प्लेइंग इलेवन में शामिल होने पर प्रति मैच 60 हजार रुपये मिलते हैं, जबकि रिजर्व खिलाड़ियों को 30 हजार रुपये दिए जाते हैं. 21 से 40 मैच खेलने वाले मिड-लेवल खिलाड़ियों को प्लेइंग इलेवन में 50 हजार और रिजर्व में 25 हजार रुपये मिलते हैं. वहीं 0 से 20 मैच खेलने वाले जूनियर खिलाड़ियों को प्लेइंग इलेवन में 40 हजार और रिजर्व में 20 हजार रुपये का मैच फीस तय है.
इस सीजन में दिल्ली क्रिकेट टीम की ओर से खेलने वाले कोहली और मुंबई क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित दोनों ही सीनियर कैटेगरी में आते हैं. इसका मतलब साफ है कि दोनों को प्रति मैच सिर्फ 60 हजार रुपये ही मिलेंगे, ठीक उतने ही जितने किसी अन्य घरेलू सीनियर खिलाड़ी को मिलते हैं. तुलना करें तो एकदिवसीय क्रिकेट के लिए बीसीसीआई से मिलने वाली 6 लाख रुपये की मैच फीस के सामने यह रकम काफी छोटी नजर आती है.
लेकिन विजय हजारे ट्रॉफी में खिलाड़ियों की कमाई सिर्फ मैच फीस तक सीमित नहीं रहती. टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों को रोजाना भत्ता दिया जाता है, जिसमें यात्रा, भोजन और ठहरने का खर्च शामिल होता है. इसके अलावा मैन ऑफ द मैच जैसे व्यक्तिगत पुरस्कारों पर आमतौर पर 10 हजार रुपये की नकद राशि मिलती है. टीमों के आगे बढ़ने पर प्राइज मनी भी एक अहम फैक्टर बन जाती है. नॉकआउट चरण और फाइनल में पहुंचने वाली टीमों को मिलने वाली इनामी राशि खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के बीच बांटी जाती है.












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