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सिंगापुर ने मानवता के आधार पर COVID पॉजिटिव भारतीय ड्रग्स तस्कर दोषी व्यक्ति की फांसी पर लगाई रोक, इलाज के दिए आदेश

सिंगापुर (Singapur) की एक अदालत ने मंगलवार को "कॉमन सेन्स और मानवता" के आधार पर नशीली दवाओं की तस्करी के दोषी एक मलेशियाई व्यक्ति की फांसी पर इसलिए रोक लगा दी है, क्योंकि वह COVID ​-19 पॉजिटिव पाया गया, एक दिन पहले उसे फांसी दी जानी थी...

सिंगापुर ने मानवता के आधार पर COVID पॉजिटिव भारतीय ड्रग्स तस्कर दोषी व्यक्ति की फांसी पर लगाई रोक, इलाज के दिए आदेश
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo: Pixabay)

सिंगापोर (Singapore) की एक अदालत ने मंगलवार को "कॉमन सेन्स और मानवता" के आधार पर नशीली दवाओं की तस्करी के दोषी एक मलेशियाई व्यक्ति की फांसी पर इसलिए रोक लगा दी है, क्योंकि वह COVID ​-19 पॉजिटिव पाया गया, एक दिन पहले उसे फांसी दी जानी थी. न्यायाधीश ने 33 वर्षीय नागेंथ्रन धर्मलिंगम की ओर से दायर लास्ट मिनट की अपील पर फैसला नहीं सुनाया और कहा कि अगले नोटिस तक फांसी पर रोक लगा दी गई है. यह भी पढ़ें: क्या तालिबान को मान्यता दिए बिना दुनिया अफगानिस्तान में बड़े पैमाने पर भुखमरी को टाल सकती है?

जज ने कहा,"हमें लॉजिक' कॉमन सेन्स और मानवता का उपयोग करने के लिए मिला है," न्यायाधीश एंड्रयू फांग ने शख्स की फांसी पर रोक लगाते हुए कैदी का इलाज कराने को कहा और अगले आदेश तक फांसी टाल दी. अपराधी के वकील ने यह कहकर अदालत से उसे माफ़ करने की गुहार लगाई थी कि उसका दिमाग स्वस्थ नहीं है. हथकड़ी पहने धर्मलिंगम ने अदालत में अपनी संक्षिप्त उपस्थिति दर्ज कराई.

धर्मलिंगम को अप्रैल 2009 में गिरफ्तार किया गया था और वो 42.72 ग्राम हेरोइन की तस्करी के आरोप में एक दशक से अधिक समय से मौत की सजा पर है. मलेशिया के प्रधान मंत्री, संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों के एक समूह और ब्रिटिश अरबपति रिचर्ड ब्रैनसन के साथ उनके मामले ने अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया है, जिन्होंने सिंगापुर से उनकी मौत की सजा को कम करने की गुहार लगाई है.

बता दें कि सिंगापुर, एक अमीर शहर-राज्य,यहां अवैध ड्रग्स के खिलाफ दुनिया के सबसे सख्त कानून हैं. उस व्यक्ति के वकील एम रवि ने कहा कि कार्यवाही फिर से शुरू होने पर तैयारी के लिए अब उसके पास अधिक समय है. रवि ने कहा, "कोविड ने उसे मारने के बजाय इस दुनिया में रहने दिया है."

रवि और कार्यकर्ताओं का कहना है कि धर्मलिंगम में मानसिक विकार पाया गया है. उसमें निर्णय लेने और आवेग नियंत्रण को प्रभावित करने वाले अन्य विकार हैं. अधिकारियों ने कहा है कि सिंगापुर की अदालतें संतुष्ट थीं कि उन्हें पता था कि वह क्या कर रहे हैं. धर्मलिंगम की बहन, सरमिला धर्मलिंगम ने रॉयटर्स को बताया कि फांसी पर रोक से परिवार को कम से कम थोड़ी देर के लिए उम्मीद मिली है. यह भी पढ़ें: अफगान अधिकार, कार्यकर्ता और तीन अन्य महिलाओं की हत्या, दो संदिग्ध गिरफ्तार

"हम सर्वश्रेष्ठ के लिए आशा करते हैं. दिन-ब-दिन, हम डर से जूझ रहे हैं… अभी के लिए, हम थोड़ा आराम कर सकते हैं लेकिन हमें अभी भी शांति नहीं है,” "पूरी दुनिया इस मामले के बारे में बात कर रही है, इतने सारे लोग उसकी फांसी के खिलाफ हैं."आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2016 से 2019 तक, सिंगापुर ने 25 लोगों को फांसी दी - जिनमें से अधिकांश नशीली दवाओं से संबंधित अपराध शामिल हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 09, 2021 08:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).