सऊदी अरब ने वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए एक कड़ा कदम उठाया है. सऊदी खाद्य एवं औषधि प्राधिकरण (SFDA) ने भारत सहित दुनिया के 40 देशों से पोल्ट्री (मुर्गी पालन उत्पाद) और अंडों के आयात पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है. यह निर्णय मुख्य रूप से इन देशों में संक्रामक रोगों, विशेष रूप से बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लुएंजा) के खतरों को देखते हुए लिया गया है ताकि सऊदी अरब की घरेलू खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
प्रतिबंध के मुख्य कारण
सऊदी अरब के अधिकारियों के अनुसार, यह प्रतिबंध पूरी तरह से स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर आधारित है. विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन (WOAH) की रिपोर्टों के बाद यह कार्रवाई की गई है. जिन देशों में अत्यधिक संक्रामक एवियन इन्फ्लुएंजा के मामले सामने आए हैं, उन्हें इस सूची में शामिल किया गया है. सऊदी सरकार का उद्देश्य अपने देश के उपभोक्ताओं को संभावित स्वास्थ्य जोखिमों से बचाना और स्थानीय पोल्ट्री उद्योगों को किसी भी बाहरी संक्रमण से सुरक्षित रखना है.
The Saudi Food and Drug Authority (SFDA) has imposed a total ban on poultry and egg imports from 40 countries, in addition to a partial ban covering specific provinces and cities in 16 other countrieshttps://t.co/yyPyXHXIki
— Saudi Gazette (@Saudi_Gazette) February 24, 2026
भारतीय निर्यात पर प्रभाव
भारत के लिए यह खबर चिंताजनक है, क्योंकि सऊदी अरब भारतीय पोल्ट्री और अंडों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार रहा है. इस प्रतिबंध के कारण भारतीय निर्यातकों को बड़ा आर्थिक नुकसान होने की संभावना है. हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब स्वास्थ्य आधार पर ऐसे प्रतिबंध लगाए गए हों, लेकिन 40 देशों की लंबी सूची में भारत का नाम होना व्यापारिक दृष्टिकोण से एक बड़ी चुनौती पेश करता है.
सुरक्षा के कड़े मानक
सऊदी अरब ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध केवल उन उत्पादों पर लागू होगा जो सीधे तौर पर संक्रमण फैलाने में सक्षम हैं. प्रोसेस्ड पोल्ट्री उत्पाद, जिन्हें उच्च तापमान पर पकाया गया है और जो सुरक्षा मानकों को पूरा करते हैं, उन्हें कुछ शर्तों के साथ छूट मिल सकती है. आयात की अनुमति तभी दी जाएगी जब संबंधित देश पूरी तरह से संक्रमण मुक्त होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेंगे और सऊदी अरब की तकनीकी टीम संतुष्ट होगी.
आगे की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रभावित देश अब सऊदी अरब के साथ द्विपक्षीय बातचीत शुरू कर सकते हैं ताकि यह साबित किया जा सके कि उनके निर्यात उत्पाद सुरक्षित हैं. भारतीय कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) इस मामले में सऊदी अधिकारियों के संपर्क में रहकर प्रतिबंध हटाने की दिशा में काम कर सकता है. फिलहाल, यह प्रतिबंध कब तक जारी रहेगा, इस पर कोई निश्चित समय सीमा तय नहीं की गई है.













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